Coronavirus के आतंक से सभी परेशान हैं लेकिन अब ये कहा जा रहा है कि Corona की तीसरी लहर बच्चों को अपना शिकार बनाएगी। तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई Guideline जारी की है। जिन बच्चों का Oxygen level 90 से नीचे गिरता है, तो उन्हें Covid अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। जरूरत पड़े तो ICU में शिफ्ट किया जाए।
• बच्चों को निमोनिया, एक्यूट रिसपाइटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, सैप्टिक शाक, मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
• Guideline के मुताबिक, बच्चों को इलाज में रेमडेसिविर और आइवरमेक्टिन व स्टेरॉयड नहीं दी जाएंगी।
• गम्भीर बच्चे ही अस्पताल में भर्ती होंगे। बाकी का इलाज होम आइसोलेशन में रखकर किया जा सकता है।
• डॉ. के मुताबिक ज्यादातर बच्चे लक्षण विहीन हो सकते हैं इसलिए उनका इलाज सावधानी से करने की जरूरत है।
• Guideline में बच्चों को स्टेरॉयड देने की मनाही की गई है। सिर्फ गंभीर बच्चों को जरूरत पड़ने पर यह दवा देने की अनुमति दी जाएगी।
• कुछ बच्चे बुखार के साथ पेट दर्द, उल्टी व दस्त की समस्या के आ सकते हैं, उनका भी Corona मरीज के तौर पर इलाज किया जाना चाहिए। उनका स्टूल टेस्ट कराने पर पुष्ट हो जाएगा कि उन्हें कोरोना है या नहीं।
• कुछ बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिन्ड्रोम भी हो सकता है जिसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
जानें, बच्चों में क्या लक्षण हो सकते हैं
• सूंघने व स्वाद की क्षमता में कमी,मांसपेशियों में दर्द, खराश।
• ज्यादातर बच्चे लक्षण विहीन या हल्के-फुल्के लक्षण वाले होंगे
• बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, नाक बहना।
• बच्चों को बुखार 38 सेंटीग्रेड से अधिक होगा।
• कुछ बच्चों में दस्त आना, उल्टी होना, पेट दर्द।
• कुछ में मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम होगा।

यह भी पढ़ें: बेकार समझकर न फेंकें सूखे हुए Lemon, इस तरह करें इस्तेमाल

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है