Coronavirus ने लोगों के साथ साथ बच्चों की भी पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। अब जब हालात सही होने लगे हैं तो जिंदगी पटरी पर वापिस आने लगी है। बंबई हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (MUHS) की ऑफलाइन Exam पर शनिवार को रोक लगाने से इंकार कर दिया।

न्यायमूर्ति अविनाश घारोटे ने अमोल देशमुख और नितेश तांतरपाले की एक याचिका पर सुनवाई की जिन्होंने MUHS के एमबीबीएस, एमडी और बीएचएमएस सहित स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के Exam स्थगित करने का अनुरोध किया था। याचिकाकर्ताओं के वकील राहुल भांगडे ने कहा कि जब तक सभी छात्रों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक के रोक दिया जाना चाहिए या इनका ऑनलाइन आयोजन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्यथा छात्रों के साथ ही Exam कर्मचारियों के भी Coronavirus से संक्रमित होने का खतरा होगा।

MUHS के वकील अभिजीत देशपांडे ने कहा कि याचिका बहुत देर से दायर की गई है और Exam की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के पास बाद में Exam देने का विकल्प है। उन्होंने कहा कि Exam के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने सहित सुरक्षा के सभी उपाय किए जाएंगे।

न्यायमूर्ति घारोटे ने आदेश में कहा कि 173 केंद्रों पर 40,661 उम्मीदवार परीक्षा देने वाले हैं और याचिकाकर्ता तांतरपाले के अलावा किसी ने भी Exam का विरोध नहीं किया। अदालत ने कहा कि अगर कोई छात्र किसी भी कारण से Exam नहीं देना चाहता है तो वह बाद में परीक्षा दे सकेगा, जिसे अतिरिक्त प्रयास के तौर पर नहीं गिना जाएगा।

अदालत ने कहा, ”परीक्षा आयोजित करने के लिए सभी तैयारियां हो चुकी हैं, जो अब से पांच दिनों बाद होनी है। पहले के दो चरणों में जनवरी-फरवरी 2021 में और मार्च-अप्रैल 2021 में परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की गईं। अब Exam पर रोक लगाना उचित नहीं है।

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