बाढ़ की ‘ललकार’ ने मचाया हाहाकार, देश का हुआ इतना नुकसान

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बाढ़ की ललकार ने मचाया हाहाकार, देश का हुआ इतना नुकसान

नदियों में आया उफान, देश के कई राज्यों में कोहराम, चारो ओर मची है सिर्फ तबाही

देर से आए मानसून ने देश के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस साल भी बाढ़ ने सरकार के दावों पर पानी फेर दिया। बाढ़ को लेकर सरकार हर साल दावे करती है कि वो बाढ़ से होने वाली तबाही का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन बाढ़ आते ही सभी दावों पर पानी फिर जाता है। हमेंशा की तरह सरकार ये कहकर पल्ला झाड़ लेती है कि इस बार बाढ़ का स्तर ज्यादा था। और हमने इतना अनुमान लगाया था, क्या इस तरह के तर्क देकर शासन प्रशासन को इसकी जबाबदेही से बच जाना चाहिए।

बाढ़ की तबाही का मंजर बीते महीने से भारत के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। देश के दक्ष‍िणी राज्यों में बाढ़ ने कोहराम मचा दिया है। मध्य प्रदेश के मंडला में जहां एक कार की छत पर चढ़कर तीन लोगों ने जान बचाई तो एक जगह स्कूटी सवार बाढ़ के पानी में फंसकर बह गया। आंध्र प्रदेश में समुद्र पर बने जानवरों के स्टैच्यू ध्वस्त होकर पानी में बह गए।

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केरल हो या महाराष्ट्र बिहार हो या आंध्र प्रदेश बाढ़ से बर्बादी का मंजर चारो ओर देखने को मिल रहा है। केरल राज्य में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। केरल के वायनाड में भूस्खलन ने लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। केरल के सीएम पिनराई विजयन ने राज्य में बाढ़ के हालात को लेकर प्रेस कांन्फ्रेंस की है। उन्होंने बताया कि राज्य में 315 राहत शिविर लगाए गए हैं जहां 22,000 लोगों को रखा गया है। इन शिविरों में ज्यादातर लोग वायनाड के हैं। राज्य भर में मरने वालों की संख्या 22 है।

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