2.50 लाख डॉलर के लालच में देश से गद्दारी कर रहे हैं आंदोलन के नाम पर भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्व । कनाड़ा के रहने वाले NRI ने एलान किया था की जो भी लाल किले पर खालसा झंडा फहराएगा उसे 2.50 लाख डॉलर दिए जाएंगे इस तरह के एलान कई बार किए जा चुके हैं। लेकिन आंदोलन में शामिक शरारती तत्वों को तीन बिलों से न कोई लेना देना था न एमएसपी से । आंदोलन में शामिल लोगों ने न सिर्फ दिल्ली पुलिस हैडक्वाटर के सामने हंगामा काटा बल्कि लालकिले पर कब्जा कर धर्म विशेष का झंड़ा फहरा दिया ।

गणतंत्र दिवस के मौके पर नेपाल ने भारत को दी बधाई

किसानों ने पहले रिंग रोड़ पर आंदोलन का ऐलान किया लेकिन सुबह से ही दिल्ली के रिंग रोड पर पहुंचने के बजाय किसानों का बड़ा जत्था दिल्ली में जबरन घुस गया । दिल्ली पहुंच कर किसानों ने न सिर्फ बीजीप हैडक्वाटर जाने की कोशिश की बल्कि इंडिया गेट, राजपथ, संसद भवन और राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन दिल्ली पुलिस ने बगैर गोली चलाए किसानों को ऐसा करने से रोक दिया ।

आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है की आंदोलन की आड़ में शरारती तत्वों ने भारत की असमिता और लोकतंत्र पर ही सीधा हमला कर दिया और सरकार लगभग मूक दर्शक बनी रही जिसके आगे मुट्ठी भर शरारती तत्वों घुटने टेक दिए । आजादी के बाद देश के सम्मान पर धर्म विशेष का झंडा लगा कर न सिर्फ धर्म विशेष को बदनाम किया गया बल्कि ये भी साफ हो गया की आंदोलन सरकार के तीन बिलों को वापस लेने की मांग से भटक गया है । दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा आंदोलन न सिर्फ अपने रास्ते से भटक गया बल्कि अब किसान नेताओं को सरकार और सिस्टम को जवाब देना भारी पड़ रहा है ।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं