दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे अब इसका असर भी दिखने लगा है। दरअसल दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान संगठनों में दरार पड़ती नजर आ रही है। भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट ने किसान आंदोलन से किनारा कर दिया है। वहीं किसान नेता वीएम सिंह ने भी आंदोलन से नाम वापस ले लिया है। भानु गुट के मुखिया भानु प्रताप सिंह ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है साथ ही चिल्ला बॉर्डर से धरना खत्म करने का भी ऐलान कर दिया है। आपको बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के भानु गुट को संयुक्त किसान मोर्चा पहले ही आंदोलन से अलग कर चुका है क्योंकि भानु गुट ने शुरूआत में ही सरकार के मंत्रियों से मुलाकात के बाद आंदोलन खत्म करने की बात कही थी।

दिल्ली हिंसा के बाद किसान आंदोलन के भविष्य पर सवाल

वहीं किसान नेता वीएम सिंह ने आंदोलन से नाम वापस लेते हुए राकेश टिकैत और अन्य किसान नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीएम सिंह की मानें तो उन लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने किसानों को भड़काने का काम किया है साथ ही उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि जब 11 बजे की जगह किसान 8 बजे निकल गए थे तो फिर सरकार क्या कर रही थी। साथ ही उन्होंने राकेश टिकैत पर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकैत किसान आंदोलन को अलग रास्ते पर ले जाना चाहते हैं

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