नहर में फंसा विशालकाय कार्गो कंटेनर शिप बुधवार को भी अपनी जगह से हिला भी नहीं। आठ बड़ी और शक्तिशाली नौकाएं इसे सीधा करने में लगी हैं, लेकिन फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है। लेकिन वह जहाज को बाहर निकालने के लिए तकनीकी कंपनी और स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। उधर, शिप के जापानी मालिक सोई किशन ने घटना के लिए माफी मांगते हुए कहा कि इसके चलते सैकड़ों जहाजों का आवागमन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि हादसा अन्य जहाजों और उनके क्रू सदस्यों की गलती के चलते हुआ है,

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कंपनी ने एक बयान में कहा कि जहाज ने जब लाल सागर से स्वेज नहर में प्रवेश किया तो उसी दौरान इसे तेज हवा का सामना करना पड़ा और यह फंस गया। कैनाल सर्विस प्रोवाइडर लेस एजेंसी ने कहा कि जहाज के फंसने से लगभग 150 जहाजों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। शिपिंग विशेषज्ञों के मुताबिक अगर जल्द ही जहाज को हटाया नहीं गया तो दूसरे जहाजों को अफ्रीका से होकर जाना पड़ेगा। इससे उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में एक सप्ताह से अधिक का समय लगेगा। स्वेज नजर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इस मार्ग के जरिये एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों को अफ्रीका घूमकर नहीं जाना पड़ता है। बता दें कि दुनिया के लगभग 30 फीसद शिपिंग कंटेनर 193 किमी लंबी स्वेज नहर से होकर प्रतिदिन गुजरते हैं

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