अनिल विज के कोरोना संक्रमित होने पर पर उठे देशी वैक्सीन पर सवाल, जानिए अब क्या…

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haryana Health Minister Anil Vij Tested Corona Positive

अम्बाला: कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए वालंटियर बनने वाले हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें शनिवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। विज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वह कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं और अंबाला कैंट के एक सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके संपर्क में आए थे, वे अपना कोरोना टेस्ट करा लें। अनिल विज अंबाला छावनी के सीवल हस्पताल में ही भर्ती है। जहां उनकी हालत ठीक है। अनिल विज के चेकअप के लिए Covaxin  की रिसर्च टीम भी अंबाला पहुंच रही है।

बता दे की हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विज को रात बुखार आया था बॉडी में दर्द था। जिसके चलते आज सुबह अनिल विज का कोरोना टेस्ट हुआ जिसमे विज कोरोना पॉजिटिव मिले। अब अनिल विज अंबाला कैंट सिविल हस्पताल में भर्ती है जहां उन्हें अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया है। सिविल सर्जन डॉक्टर कुलदीप सिंह का कहना है अनिल विज की हालत बेहतर है उन्हें सर्द है उसके इलावा वे पूरी तरह ठीक है।

बता दे की अनिल विज को 20 नवंबर को ही कोरोना की कोवैक्सीन दी गयी थी जिसका विज ने खुद पर स्वेच्छा से ट्रायल करवाया था। डॉक्टर्स का कहना है विज को देसी कोरोना वैक्‍सीन Covaxin दिया था जिसका एंटी बॉडी 42 दिन में डवलप होता है विज को अभी 18 दिसंबर को दूसरी डोज दी जानी थी। अब वो डोज दी जानी है या नहीं इसका फैंसला कोवैक्सीन की रिसर्चर टीम लेगी। टीम आज अंबाला पहुंच विज का चेकअप भी करेगी।

Covaxin को लेकर कई सारी भ्रामक बातें सोशल मीडिया पर तैरने लगी हैं। कुछ एक्‍सपर्ट्स ने अपनी राय सामने रखी तो पता चला कि इनमें से अधिकतर आशंकाएं निर्मूल हैं। डॉक्‍टर्स Covaxin ट्रायल और विज के कोविड पॉजिटिव निकलने को लेकर जो कुछ भी कह रहे हैं, आइए आपको बताते हैं।

Covaxin ट्रायल में शामिल डॉक्‍टर से जानिए उनकी राय…
ट्रायल के दौरान हर किसी को वैक्सीन का डोज नहीं दिया जाता है। मुझे वैक्सीन मिली है या प्लेसीबो मिला है, यह गुप्त रहता है। यह ट्रायल में हिस्सा लेने वाले और लगाने वाले को पता नहीं होता है। एक कोड के जरिए इसकी ट्रैकिंग की जाती है। यह कहना बिल्कुल गलत है कि उनको (अनिज विज) वैक्सीन लगाने के बाद कोरोना हुआ है। यह गलत मेसेज देता है। ट्रायल में आधे को टीका दिया जाता है और आधे लोगों को अन्य दवा दी जाती है। ऐसा यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि आधे लोगों पर वैक्सीन का क्या असर रहा है और बाकी में क्या असर हुआ। ट्रायल के आखिर में इस डेटा का विश्लेषण किया जाता है।

Covaxin पर केंद्र सरकार का भी आया बयान…

कंपनी के बाद स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से भी बयान जारी किया गया। मंत्रालय ने कहा कि 2 डोज मिलने के एक निश्चित अवधि के बाद ऐंटीबॉडीज डिवेलप होती हैं। विज को एक ही डोज मिली थी इसलिए उनमें कोविड के खिलाफ ऐंटीबॉडीज नहीं बनीं।