Corona virus के ख़तरे के देखते हुए लगातार ये कहा जा रहा था कि हल्का बुख़ार होने पर हॉस्पिटल न जाएं बल्कि घर पर ही दवाई ले लें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने Corona के इलाज को लेकर दिशानिर्देशों में बदलाव किया है। इसमें बिना लक्षण वाले और हल्के मामलों के लिए एंटीपीयरेटिक (बुखार) और एंटीट्यूसिव (कोल्ड) को छोड़कर सभी दवाओं को हटा दिया गया है।

दिशानिर्देशों में कहा गया है कि लोग Corona के लक्षण दिखने पर एंटी-पायरेटिक और एंटी-ट्यूसिव ले सकते हैं, और खांसी के लिए 5 दिनों तक दिन में दो बार 800 एमसीजी की खुराक पर बुडेसोनाइड ले सकते हैं। इस सब के अलावा किसी और दवा की आवश्यकता नहीं है। हल्के मामलों में बुखार, सांस फूलने, Oxygen लेवल या किसी भी लक्षण पर खुद निगरानी रखने की सलाह दी गई है।

जारी किए गए संशोधित दिशा-निर्देशों में उन सभी दवाओं को प्रभावी ढंग से हटा दिया गया, जिन्हें डॉक्टर बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले कोविड -19 रोगियों के लिए भी लिख रहे थे। इसमें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, जिंक, मल्टीविटामिन आदि शामिल हैं। इसमें डॉक्टरों को कहा गया है कि वे जरूरी न होने के मरीज को सीटी स्कैन कराने की राय भी न दें।

बिना लक्षण वाले Corona मामलों के लिए इस गाइडलाइन में कहा गया है कि इन्हें किसी दवा की आवश्यकता नहीं है जबकि Corona के अलावा पहले से अन्य रोगों से ग्रस्त मरीजों के लिए दवाएं जारी रखी जानी चाहिए। गाइडलाइन में बॉडी हाइड्रेशन के साथ स्वस्थ संतुलित आहार पर जोर दिया गया है।

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