Coronavirus का ख़तरा लगातार बढ़ता जा रहा है ऐसे में ज़रा सी लापरवाही हमारे साथ साथ बाकी लोगों की जान भी ख़तरे में डाल सकती है। ऐसे में पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के चुनाव प्रचार के दौरान बिना Mask के दिखे लोगों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस भेजा है।

High Court ने चुनाव प्रचार के दौरान भी Mask की अनिवार्यता को लेकर जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि आखिर चुनाव प्रचार के दौरान लोग बिना मास्क के क्यों दिख रहे हैं। याचिका में मांग की गई थी चुनाव आयोग(EC) को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स, अन्य प्लेटफॉर्म्स और सामग्री पर चुनाव के दौरान Corona Protocol के बारे में जानकारी देनी चाहिए। इसके अलावा चुनाव आयोग को डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए चुनाव में Corona Protocol के बारे में जागरूकता फैलाने का आदेश देने की भी मांग की गई है।

यह अर्जी Think Tank Center for Accountability and Systemic Change के चेयरमैन विक्रम सिंह की ओर से दायर की गई थी। विक्रम सिंह UP Police के डीजीपी रहे हैं। इस अर्जी में कहा गया था कि एक तरफ देश में Corona के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है तो वहीं West Bengal और असम में Road Show और रैलियां निकाली जा रही हैं। इसके साथ ही अर्जी में आम लोगों के खिलाफ Guidelines को सख्ती से लागू करने और राजनेताओं को छूट होने का मुद्दा भी उठाया गया था। विक्रम सिंह ने अर्जी में कहा था कि आम लोगों और नेताओं के बीच यह अंतर करना संविधान के अनुच्छेद 14 की भावना के खिलाफ है।

West Bengal के अलावा असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी चुनाव हो रहा है। 4 राज्यों में मतदान हो चुका है, जबकि पश्चिम बंगाल में 10 अप्रैल को चौथे चरण की वोटिंग होनी है। राज्य में कुल 8 चरणों में मतदान होना है। विक्रम सिंह ने अपनी अर्जी में मांग की थी कि Corona के तमाम नियमों को ताक पर रखते हुए चुनाव प्रचार का काम जोरों पर है।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: देश में पहली बार एक दिन में 1.26 लाख से अधिक नए केस

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है