नई दिल्ली, Corona वायरस संक्रमण से देश भर में लोगों की मौतें हुई हैं। अलग-अलग देश में कोरोना संक्रमितों की मौत के पीछे अलग-अलग कारण पाए गए हैं। मगर कई बार ये पाया गया कि संक्रमित मरीज के शरीर के कई अंग काम करना बंद कर दे रहे थे जिससे उसकी मौत हो जा रही थी। मेडिकल साइंस में डॉक्टरों ने इस अवस्था को साइटोकाइन स्टॉर्म नाम दिया। हो सकता है कि संक्रमित मरीजों या उनके तीमारदारों ने इस अवस्था के बारे में सुना हो मगर अधिकतर लोग अभी भी न तो इस अवस्था के बारे में जानते हैं ना ही उनको इसका दुष्परिणाम ही पता है। इस खबर के माध्यम से हम आपको स्टॉर्म की घातकता के बारे में बताएंगे।

क्या है साइटोकाइन स्टॉर्म

दरअसल Corona संक्रमित जो मरीज साइटोकाइन स्टॉर्म की अवस्था तक पहुंचता है उसका मतलब ये है कि उसके शरीर के अंदरूनी महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया है जिसकी वजह से उसकी मौत हो जाती है। इसको मल्टिपल-ऑर्गन फेलियर भी कहा जाता है। इस अवस्था की वजह से संक्रमित मरीज के शरीर के आवश्यक अंग काम करना बंद कर देते हैं वो उसकी मौत का कारण बन जाते हैं। साइटोकाइन हमारे शरीर की कोशिकाओं यानी सेल के अंदर एक तरह के प्रोटीन होते हैं।

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