CRPF जवान की बेटी ने नक्सलियों से लगाई गुहार, ‘नक्सल अंकल मेरे पापा को घर भेज दो।’

शनिवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा के सीमा से सटे इलाके में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 सुरक्षा बल जवान शहीद हो गए। 21 सुरक्षा बल जवानों के पार्थिव शरीर को प्राप्त कर लिया गया हैं लेकिन CRPF कोबरा बटालियन का एक जवान Rakeshwar Singh Manhas मुठभेड़ के बाद से ही लापता हैं, नक्सलियों द्वारा पत्रकारों को मिली सूचना से यह साफ हो गया है कि लापता जवान Rakeshwar उनके कब्ज़े में है।

बताया जा रहा है कि CRPF जवान Rakeshwar Singh जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, इस खबर को सुनकर Rakeshwar का पूरा परिवार सदमे है। Rakeshwar की माँ, बहन और पत्नी उनके सकुशल घर लौटने की कामना कर रहे हैं। उनकी पत्नी मीनू चिब की Rakeshwar से शनिवार 3 मार्च को अंतिम बार बात हुई थी। Rakeshwar ने उन्हें बताया था कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहे हैं, साथ ही लौटकर उनको फोन करेंगे। लेकिन बीते तीन दिनों से उनका फोन बजने के बावजूद कोई उठा नहीं रहा हैं।

CRPF जवान Rakeshwar की पांच साल की बेटी राघवी ने नक्सलियों के चुंगल से अपने पिता की रिहाई की गुहार लगाई हैं। वो कहती है, ‘पापा की परी पापा को बहुत मिस कर रही है। मैं अपने पापा से बहुत प्यार करती हूं। प्लीज नक्सल अंकल, मेरे पापा को घर भेज दो।’

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बच्ची की बात को सुनकर आपका कलेजा भी फटने लगेगा। लेकिन पता नहीं नक्सलियों तक उस मासूम की आवाज पहुंचेगी या नहीं। बच्ची का Video IPS Deepanshu Kabra ने अपने ट्विटर पेज पर डाला है। उन्होंने लिखा है कि बंधक बनाए गए जवान की बेटी की आवाज को सुनकर मन भावुक हो गया है।

CRPF कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मनहास कोथियन Jammu Kashmir निवासी हैं। उनकी पदस्थापना बीजापुर जिले में है। नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन में वह भी शामिल थे और  मुठभेड़ के बाद से उन्हें लापता बताया जा रहा था। सोमवार को नक्सलियों ने सुकमा जिले के कुछ पत्रकारों को फोन पर संपर्क कर बताया कि लापता जवान उनके कब्जे में है। उन्होंने कहा कि जवान पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा।

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