सुरक्षित है कोरोना की भारतीय वैक्सीन

विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण का आगाज भारत में हो चुका है कई दौर के ड्राइ रन के बाद 16 जनवरी सुबह से ही टीकाकरण के तहत फर्स्ट लाइन कोरोना वारियर्स को कोरोना का टीका लगाया गया । AAIMS निदेशक समेत सफाई कर्मियों को टीके की पहली डोज के इंजेक्शन दिए गए । कोरोना टीके को लेकर कई तरह की अफवाह गर्म रही लेकिन सरकार औ विपक्ष समेत तमाम राजनैतिक दलों ने कोई नकारात्मक बयान नहीं दिया जिसके बाद जिन लोगों  को कोरोना का टीका लगाया गया था उन पर निगरानी रखी गई । सबसे अहम बात ये रही की जिस तरह विदेशों से फाइजर के टीकाकरण की खबरों से लोगों में बैचैनी थी की कहीं कोरोना के खिलाफ देसी वैक्सीन कोई साइड इफेक्ट न दिखाए लेकिन शाम होते होते ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया ।

भारत सरकार और वैज्ञानिकों का दावा आखिरकार सच निकला और कोरोना की वैक्सीन का कोई भी साइड इफेक्ट सामने नहीं आया । पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है । कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज 20 से 25 दिनो के बाद उन्ही लोगों को लगाई जाएगी जिन्हें पहले चरण में लगाया गया है जिसके बाद कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा दौर शुरु किया जाएगा ।  पहले दौर में 3 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई गई है जबकि सरकार का लक्ष्य दुसरे दौर में 30 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की है । कोरोना वैक्सीन लगाने की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र  मोदी ने जहां देश को बधाई दी वही इस बात का आश्वासन भी दिया की कोरना की वैक्सीन हर भारतीय को उपलब्ध कराई जाएगी ।

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