कोरोना का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है।इतना ही नहीं यह वायरस नई और अलग-अलग तरह की बीमारियों को भी पैदा करने में लगा हुआ है। जिन बीमारियों को समझ पाना विशेषज्ञों के लिये भी मुश्किल हो रहा है। और यह बीमारियां उनके लिये खतरनाक साबित हो रहीं हैं जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं। आये दिन ब्लैक फंगस, वाइट फंगस के मामले सामने आ रहे हैं।

कई राज्यों ने तो इन्हें महामारी भी घोषित कर दिया है। इसी क्रम में एक और नई बीमारी ने दस्तक दी है और यह बीमारी बच्चों को अपने चपेट में ले रही है। बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फैलेमटरी सिंड्रोम (एमआईएससी) की चिंता सताने लगी है। यह बीमारी उन बच्चों को अपना शिकार बना रही है जो महामारी से उबर चुके हैं। यह सिंड्रोम कई अंगो को प्रभावित कर रहा है। यह बच्चों के हृदय,लिवर और किडनी को प्रभावित करता है।

फोर्टिस हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ योगेश कुमार गुप्ता का कहना है कि संक्रमण से ठीक होने वाले बच्चों के शरीर में एंटीबॉडिज़ बन जाती है। यह शरीर में एलर्जी जैसी होती है। यह अंगो को प्रभावित करती है। अभी तक इस सिंड्रोम के पाँच मामले आ चुके हैं। पहली लहर में इसके तीन मामले सामने आये थे और दो मामले दूसरी लहर में आयें हैं। डॉ कुमार का कहना है कि महामारी के चरम पर होने से इसके मामले और आने की आशंका है।

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