Chhath Puja : सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हुई छठ पूजा, भगवान से मांगी दुआएं

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Chhath Puja 2020

नई दिल्ली: दीपावली के तीन दिन बाद यानी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर षष्टी तिथि तक छठ महापर्व मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर उत्तर-पूर्व भारत में मनाया जाता है। इस बार 18 नवंबर, बुधवार से 21 नवंबर, शनिवार तक छठ पर्व मनाया जाता है। 21 नवंबर, शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर शनिवार को छठ पूजा संपन्न हो गई है।

छठ पूजा मनाने वाले व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला व्रत रखकर कड़ी साधना करके सूर्य से अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। देश के विभिन्न शहरों में सूर्य को अर्घ्य दिया गया। महिलाओं ने छठी मइया और सूर्य भगवान से अपनी संतानों, पति व परिवार की खुशियां मांगीं। इसके बाद उन्होंने अपने निर्जल व्रत का पारायण किया। इस दौरान सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का खास महत्व माना जाता है।

इस दौरान राजधानी पटना में छठ घाटों पर व्रतियों के अलावा परिवार के सदस्यों की भीड़ उमड़ी रही। इससे पहले को महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा अर्चना के साथ अपने व्रत की शुरुआत की थी। शाम चार बजे से ही नदी व पोखरों पर महिलाएं पूजा के लिए पहुंच गईं और शाम ढलने के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर घर लौटीं।

झारखंड के रांची, बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में बड़ी संख्या में लोग आज चार दिवसीय छठ पूजा के समापन के दिन नदी घाटों पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की। इस दौरान लोग कोविड-19 के दिशानिर्देशों को पालन करते हुए नजर आए।

रांची में कांग्रेस के पूर्व सांसद, सुबोधकांत सहाय भी हटानिया तालाब में पूजा करते हुए देखे गए। उन्होंने कहा, ‘यह अच्छा है कि सरकार ने लोगों की भावनाओं का सम्मान किया। विभिन्न प्रतिबंधों के बीच, लोग अपने विश्वास के कारण यहां आए हैं। लोग सामाजिक दूरी का भी पालन कर रहे हैं।’ हिंदू परंपरा के अनुसार, विशेष रूप से बिहार, झारखंड और यूपी में, श्रद्धालु सूर्य देव और उनकी पत्नी ऊषा की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं।