आज साल का पहला Chandra Grahan लगने जा रहा है। साल के पहले पूर्ण Chandra Grahan को ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, उत्तर और दक्षिण अमेरिका और पूर्वी महासागर में देखा जा सकेगा। भारत में चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से नीचे होगा, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में ब्लड मून नहीं दिखेगा। यह एक खास खगोलीय घटना होगी। क्योंकि यह सुपर मून, Chandra Grahan और ब्लड मून होगा।

जानें, Chandra Grahan का समय

26 मई को ग्रहण दोपहर 2.17 बजे से आरंभ होगा और शाम 7.19 बजे तक रहेगा। साल का पहला Chandra Grahan पूर्वी एशिया, प्रशांत महासागर, उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में और आस्ट्रेलिया में पूर्ण Chandra Grahan नजर आएगा। जबकि भारत के लोग आंशिक Chandra Grahan का आखिरी भाग देख सकेंगे।

जानें, Chandra Grahan के दौरान क्या करना चाहिए

• ग्रहण शुरू होने से पहले खुद को शुद्ध कर लें। ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान आदि कर लेना शुभ माना जाता है।
• Chandra Grahan में दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए।
• ग्रहण काल के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी की पत्ती डालनी चाहिए।
• ग्रहण काल में अपने इष्ट देव या देवी की पूजा अर्चना करना शुभ होता है।
• ग्रहण खत्म होने के बाद एक बार फिर स्नान करना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

जानें, Chandra Grahan में क्या न करें

• कहा जाता है कि ग्रहण काल में भोजन करने वाले मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उसे उतने सालों तक नरक में वास करना पड़ता है।
• ग्रहण काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
• मान्यता है कि Chandra Grahan के दौरान तेल लगाना, जल पीना, बाल बनाना, कपड़े धोना और ताला खोलने जैसे कार्य नहीं करने चाहिए।
• ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल आदि नहीं तोड़ने चाहिए।
• मान्यता है कि ग्रहण काल में सोने से व्यक्ति रोगी होता है।
• Chandra Grahan में तीन प्रहर का भोजन करना वर्जित माना जाता है।

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