भारत-चीन के बीच पिछले 8 महीनों से तनावपूर्ण हालात

भारत और चीन के बीच लद्दाख में तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच कई दौर की कूटनीतिक और कमांडर लेवल की बैठकें हो चुकी हैं लेकिन तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए लद्दाख के दौरे पर हैं। आपको बता दें कि भारत-चीन के बीच पिछले 8 महीनों से तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं…जिसके बाद से एलएसी पर दोनों देशों के हजारों सैनिकों को तैनात किया गया है।

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भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत के इस दौरे को कापी अहम माना जा रहा है। आपको बता दें कि लद्दाख दौरे से पहले बिपिन रावत ने अरूणाचल में एलएसी के पास दिबांग घाटी, लोहित सेक्टर और सुंबसिरी घाटी का दौरा किया था। यहां सीडीएस ने चौकियों के साथ महत्वपूर्ण ठिकानों पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया था। दरअसल भारत की एयर फोर्स और थल सेना पूर्वी लद्दाख में किसी भी सैन्य गतिरोध से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत की ओर से यहां अलग-अलग जगहों पर करीब 50 हजार सैनिकों को तैनात किया गया है। आपको बता दें कि पिछले महीने थल सेना प्रमुख एम नरवणे ने भी पूर्वी लद्दाख का दौरा किया था। इस दौरान थल सेना प्रमुख जमीनी हालात का जायजा लेते नजर आए थे

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