भगत सिंह कोश्यारी महाराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किए जाने से पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है।

उत्तराखंड की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले भगत सिंह कोश्यारी अब महाराष्ट्र के राज्यपाल बनाए गए हैं। भगत सिंह कोश्यारी महाराष्ट्र के राज्यपाल नियुक्त किए जाने से पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। जिसकी झलक हमें दिल्ली के चाणक्य पूरी में भी देखने को मिली। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनने के बाद चाणक्य पूरी में उत्तराखंड सदन में पहुंचे भगत सिंह कोश्यारी का उत्तराखंड के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। फूलों के गुलदस्ते और डोल नगाड़ों की थाप के बीच भगत सिंह कोश्यारी का उत्तराखंड के लोगों ने स्वागत किया।

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3 जून 1969 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले में जन्में भगत सिंह कोश्यारी ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अल्मोड़ा से पूरी की और आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की। बात करें उनके राजनैतिक जीवन की तो उसकी शुरुवात शिक्षणकाल के दौरान ही हो गई थी। शिक्षणकाल में ही भगत सिंह कोश्यारी अपने जीवन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिये समर्पित कर चुके थें।

फिर आया साल 2000। साल 2000 में उन्हें नए बने राज्य उत्तराखंड का ऊर्जा, सिंचाई, कानून और विधायी मामलों का मंत्री नियुक्त किया गया। 2001 में वह मुख्यमंत्री बनें, उन्होंने प्रदेश में बीजेपी के राज्य अध्यक्ष का भी पदभार सम्भाला। 2002 के राज्य विधानसभा चुनावों में दल की हार के पश्चात उन्होंने मुख्यमंत्री का पद त्याग दिया और उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बनें। उत्तराखंड से 2008 से 2014 तक राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दी।

भगत सिंह कोश्यारी उत्तराखंड राज्य से बनने वाले पांचवें राज्यपाल हैं। उत्तराखंड में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया लेकिन जश्न उत्तराखंड में भी मनाया जा रहा है।

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