महामृत्युंजय मंत्र के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को साइंटिफिक तरीके से प्रमाणित करने के लिए स्टडी की जा रही है।

पुराणों के मुताबिक मंत्रों से इंसान के आध्यात्मिक के साथ साथ मानसिक शांति भी मिलती है। पर जैसे जैसे जमाना बदला वैसे वैसे ही लोगों की सोच भी बदली । और आज के समय में अगर हम बात करें तो लोगों को पूजा- पाठ करने का इतना उत्साह नही रह गया है। आज के समय में लोग पूजा-पाठ से ज्यादा अपने मोबाइल को अहमियत देते है।

वैज्ञानिकों ने भी पहचाना महामृत्युंजय मंत्र के लाभ को

हाल ही में हुई एक शोध के मुताबिक जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के बचाव के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप लोग कराते रहे हैं, लेकिन इसे महज उनकी आस्था ही माना जाता रहा है। अब दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इसके प्रभाव को जानने के लिए स्टडी की जा रही है। इस मंत्र के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को साइंटिफिक तरीके से प्रमाणित करने के लिए स्टडी की जा रही है। हेड इंजरी के मरीजों को इस मंत्र को सुनाने का प्रयोग देश में पहली बार राम मनोहर लोहिया अस्पताल में किया गया है, जिसके अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं।

वैज्ञानिकों ने भी पहचाना महामृत्युंजय मंत्र के लाभ को

आपको बता दें कि रिसर्च करने वाले डॉक्टर का दावा है कि एक-दो महीने के अंदर फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी जिसके बाद सब कुछ साफ-साफ समने आ जाएगा। अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉक्टर अजय चौधरी और उनकी टीम इस पर स्टडी कर रही है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर उपवास का चलन अपने देश में हजारों साल से है। श्रद्धालु चतुर्दशी, एकादशी जैसे व्रत रखते हैं, लेकिन देश में इस पर कोई स्टडी नहीं हुई है। 2016 में मेडिसिन का नोबेल प्राइज जिस जापानी डॉक्टर को मिला, उन्होंने पीरियॉडिक फास्टिंग पर ही स्टडी की थी। जापानी डॉक्टर ने अपनी स्टडी में बताया कि पीरियॉडिक फास्ट करने वालों के अंदर बीमारी वाले सेल्स खत्म हो जाते हैं। खासकर कैंसर सेल्स मर जाते हैं।

वैज्ञानिकों ने भी पहचाना महामृत्युंजय मंत्र के लाभ को

तो अब देखने वाली बात तो ये है कि आखिर इस शोध में राम मनोहर लोहिया के डॉक्टरों के सामने क्या आता जिसके पूरे होने का अब सबको इंतजार है।