जानिए कैसा है अरुण जेटली का राजनीतिक सफ़र

कुछ लोग परिचय के मोहताज नही होते। अरुण जेटली भी एक ऐसा ही नाम है जो राजनीति के एक चमकदार सितारे के रूप में उभर कर सामने आया। जेटली जी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता के साथ-साथ भारत के पूर्व वित्त मंत्री भी रहे। इतना ही नहीं राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के शासन में केन्द्रीय न्याय मंत्री एवं इसके अलावा भी कई बड़े पदों पर आसीन रहे। आज बीजेपी सरकार की आँखों का तारा लड़ रहा है कैंसर जैसे खतरनाक रोग से।

कैंसर से लड़ रहे अरुण जेटली की ऐसी है शख्सियत

आपको बता दें कि बीजेपी के दिग्गज नेताओं मे से एक जेटली जी का आरंभिक जीवन एक आम आदमी जैसा ही था। इनका जन्म महाराज किशन जेटली और रतन प्रभा जेटली के घर में हुआ था। पिता एक वकील थे। पर अगर पढ़ाई की बात करें तो सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज, नई दिल्ली से आपने अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और बाद में श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई में दिलचस्पी होने की वजह से उच्च शिक्षा में उन्होंने 1977 में दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से विधि की डिग्री प्राप्त की। छात्र के रूप में अध्ययन के दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।छात्र जीवन से ही विभिन्न सम्मानों से सम्मानित होते रहें हैं। 1974 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संगठन के भी अध्यक्ष पद पर रहे। या यूं भी कह सकते हैं कि सक्रिय राजनीति में आपने छात्र जीवन में ही कदम रख दिया था।

कैंसर से लड़ रहे अरुण जेटली की ऐसी है शख्सियत

1999 में, भाजपा सरकार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सत्ता में आने के बाद, उन्हें 13 अक्टूबर 1999 को सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नियुक्त किया गया था। इसके अलावा उन्होने विनिवेश राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पदभार भी ग्रहण किया था। साथ ही उन्होंने 23 जुलाई 2000 को कानून, न्याय और कंपनी मामलों के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में राम जेठमलानी के इस्तीफ़ा देने के बाद कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था। इसके बाद लगातार ही कई महत्वपूर्ण कार्यभार संभाले।

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कैंसर से लड़ रहे अरुण जेटली की ऐसी है शख्सियत

एक बार फिर मोदी सरकार के शासन में आते ही जेटली जी का नाम सुर्खियों मे आया। 26 मई 2014 को, जेटली जी को नवनिर्वाचित प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वित्त मंत्री के रूप में चुना गया इसमें उनके मंत्रिमंडल में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और रक्षा मंत्री भी शामिल था।

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उपरोक्त उप्लब्धियों को देखते हुए ये कहना मुश्किल न होगा की अरुण जेटली एक शशक्त शख्सियत के मलिक रहे हैं। बीते कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है उनको, और यही कारण है की इस बार बीजेपी की सरकार मे उन्होने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर कोई पदभार गृहण न करने का फैसला किया है। हम तो बस यही कह सकते हैं कि ईश्वर उन्हें जल्दी स्वास्थ्य लाभ दे।