बाबा Ramdev की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। Allopathy और डॉक्टरों पर योग गुरु रामदेव की टिप्पणी पर मचे विवाद और आयुर्वेद बनाम Allopathy की बहस के बीच केंद्र की तरफ से संचालित All india institute of ayurveda (AIIA) की प्रमुख ने कहा है कि उनके अस्पताल में दोनों पद्धतियों का इस्तेमाल हुआ। AIIA चीफ प्रोफेसर तनुजा नेसारी ने कहा कि इस अस्पताल ने चिकित्सा की दोनों पद्धतियों को लागू करके कम से कम 600 कोरोना रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज किया है।

प्रो. तनुजा नेसारी ने कहा कि एक समग्र दृष्टिकोण और आयुर्वेद, Allopathy और आधुनिक नैदानिक तकनीक के एकीकरण ने इसे संभव बनाया है। हल्के से मध्यम लक्षणों वाले मरीजों को central government की तरफ से संचालित संस्थान में एक कोविड स्वास्थ्य केंद्र में उपचार प्रदान किया जाता है। Delhi Government के ‘Delhi Corona’ app के अनुसार, अस्पताल में वर्तमान में 47 ऑक्सिजन बेड हैं, ये सभी खाली हैं।

All India Institute of Ayurveda का उद्घाटन अक्टूबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसमें नैदानिक अनुसंधान के लिए 200 बिस्तरों का रेफरल अस्पताल, 25 विशेष विभाग और आठ अंतर-अनुशासनात्मक अनुसंधान प्रयोगशालाओं के साथ 12 क्लीनिक हैं। Ayurvedic Pharmacology में एमडी प्रो नेसारी ने बताया, ’94 प्रतिशत से अधिक रोगियों को शुद्ध आयुर्वेदिक उपचार प्रदान किया गया था, लेकिन जरूरत पड़ने पर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशानिर्देशों के अनुसार एलोपैथी का उपयोग किया गया था। यही हमारी सफलता का कारण है… हमने एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है।’

AIIA चीफ ने कहा कि 600 रोगियों में से लगभग 200 को दूसरी लहर के दौरान भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद और Allopathy यहां एक साथ हैं। चाहे आयुर्वेदिक हो या एलोपैथिक, उपचार प्रयोगशालाओं में किए गए परीक्षणों के जरिए निर्देशित होता है।’ प्रोफेसर नेसारी ने कहा, ‘हम किसी भी दवा को आंख बंद करके नहीं देते हैं। हम हर मामले की बारीकी से निगरानी करते हैं। यह एक आधुनिक अस्पताल है।

हमारे पास पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी प्रयोगशालाएं हैं। हम नियमित रूप से सीटी स्कैन, सीआरपी और डी-डिमर जांच करते हैं।’प्रोफेसर नेसारी ने कहा, “सबसे पहले, हम ऑक्सिजन थेरेपी के साथ आयुर्वेदिक उपचार देते हैं। यदि रोगी की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो हम एलोपैथी की मदद लेते हैं, जिसमें आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के अनुसार स्टेरॉयड आदि का उपयोग शामिल है।”

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