महलों के इस शहर से सिर्फ अभिजीत बनर्जी का ही नहीं बल्कि चार नोबेल विजेताओं का संबध रहा है

1. अभिजीत बनर्जी: स्वीडन की नोबेल कमेटी द्वारा सोमवार को अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विजेताओं की घोषणा की गई। जिसमें भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी अपनी पत्नी एस्थर डफलो और माइकल क्रेमर के साथ संयुक्त रूप से शामिल हैं। अभिजीत का संबध शिक्षा के समय  भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर कोलकाता से रहा। लेकिन, दिलचस्प बात ये है कि महलों के इस शहर से सिर्फ बनर्जी का ही नहीं बल्कि चार नोबेल विजेताओं का संबध रहा है।

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2. गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर: कोलकाता शहर से नोबेल पुरस्कारों का ये सिलसिला साल 1913 में गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर को साहित्य के क्षेत्र में नोबेल विजेता घोषित किया जाने पर शुरु हुआ था। भारत के राष्ट्रगान के रचयिता कवि और प्रसिद्ध कलाकार टैगोर का जन्म 1861 में कलकत्ता में हुआ था और उसके बाद लगातार कलकत्ता के साथ उनका ताल्लुक बना रहा। उन्होंने शिक्षा कलकत्ता यूनिवर्सिटी से ग्रहण की और उनका देहांत भी इसी शहर में हुआ। यहां तक कि उनका रचा ‘भारत भाग्य विधाता’ गीत पहली बार 1911 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में ही गाया गया था।

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3. मदर टेरेसा: कोलकाता शहर से संबधित दूसरी नोबेल पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा जन्म और शिक्षा आदि से विदेशी थीं और ईसाई मिशनरी के तौर पर भारत आई थीं। लेकिन बंगाल खासकर कलकत्ता के साथ उनका लंबा रिश्ता रहा और इसी शहर में उन्होंने अपनी अहम सेवाएं प्रदान की। कलकत्ते में ही उन्होंने मोतीझील में एक स्कूल खोला था। इसी शहर में उनका निधन हुआ और यहीं उनका समाधि स्मारक मदर हाउस बना है।

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4. अमर्त्य सेन: अमर्त्य सेन का जन्म कलकत्ता से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूरी पर शांतिनिकेतन यूनिवर्सिटी परिसर में हुआ था। लेकिन शिक्षा के समय में कलकत्ता से सेन का संबध जुड़ा जब वह प्रेसिडेंसी कॉलेज से बीए करने पहुंचे थे। इसके बाद वह कैम्ब्रिज चले गए थे। लेकिन जब कलकत्ता में जादवपुर यूनिवर्सिटी बनी तब सेन ने दो सालों तक अर्थशास्त्र विभाग प्रमुख के रुप मे वहां कार्य किया इस यूनिवर्सिटी में अब तक के सबसे कम उम्र के विभाग प्रमुख का रिकॉर्ड सेन के नाम ही है। इस साल यानि 2019 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अभिजीत बनर्जी के नाम हुआ है। हालांकि अभिजीत अमेरिकी नागरिक हैं और वहीं कुछ विश्वविदयालयों में पढ़ाते हैं। लेकिन 1961 में उनका जन्म भारत में हुआ था। उनके पिता दीपक बनर्जी और मां निर्मला बनर्जी दोनों ही कलकत्ता में प्रोफेसर रहे। दीपक प्रेसिडेंसी कॉलेज में अर्थशास्त्र के ही प्रोफेसर थे और इसी कॉलेज से अभिजीत ने 1981 में अर्थशास्त्र में बीएस की डिग्री प्राप्त की थी।

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इन सभी नोबेल पुरस्कार विजेताओं का ताल्लुक कोलकाता से रहा। एक ने प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी का बरसों तक कामयाब संचालन किया तो दो नोबेल विजेताओं अर्थशास्त्रियों का कोलकाता से रिश्ता यूनिवर्सिटी स्तर की शिक्षा के कारण ही बना है।