Allahabad High Court ने पूरे जिले में अनुसूचित जनजाति का एक भी व्यक्ति न होने के बावजूद Gram Panchayat Election में ग्राम प्रधान की सीट आरक्षित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की तरफ से आपत्ति की गई कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना राज्य चुनाव आयोग ने जारी कर दी है. संविधान के अनुच्छेद 243ओ के तहत चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद कोई भी कोर्ट को चुनाव मे हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है इसलिए याचिका पोषणीय न होने के कारण खारिज की जाए. जिसे स्वीकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज दी है.

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यह आदेश Allahabad High Court के न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा मुख्य न्यायाधीश सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने गोरखपुर जिले के परमात्मा नायक और दो अन्य की याचिका पर दिया है.

न्यायमूर्ति के आदेश पर स्पेशल कोर्ट बैठी और 2 अप्रैल को अवकाश के दिन याचिका की सुनवाई हुई. याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एचआर मिश्र, केएम मिश्र तथा राज्य सरकार की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता Bipin vihari पांडेय, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय कुमार सिंह व स्थायी अधिवक्ता देवेश विक्रम ने बहस की.

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