भारत बना पहला देश, जो Australia में बिना शुल्क प्रॉडक्ट बेचेगा

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Coronavirus का ख़तरा कुछ कम हुआ तो सभी देश बिज़नेस की तरफ ध्यान देने लगे हैं। अब भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-Australia Free Trade Agreement- FTA) को Australia की संसद ने मंज़ूरी दे दी है। ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज (Australian PM Anthony Albanese) ने एक ट्वीट के ज़रिए यह जानकारी दी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में समझौते से संबंधित बिल आसानी से पास हो गया।

भारत के PM Narendra Modi ने इसका स्वागत करते हुए खुशी ज़ाहिर की है। इसके पास होने से Australia अब भारतीय निर्यातकों को बिना किसी कोटा प्रतिबंध के अपने उत्पाद बेचने की इजाज़त देगा। बता दें कि भारत पहला ऐसा देश है, जिसे Australia ने ऐसी सुविधा दी है। मॉरिशस और सऊदी अरब के बाद ऑस्ट्रेलिया ऐसा तीसरा देश है, जिसके साथ भारत ने दोहरे कराधान परिहार समझौते के तहत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने आज ट्वीट कर लिखा, “भारत के साथ हमारा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संसद से पारित हो गया है।” Australia के व्यापार मंत्री डॉन फैरेल ने कहा कि भारत ने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है और इससे यह समझौता सिरे चढ़ा है।

इसे ऑस्ट्रेलियाई संसद में मंजूरी मिलने के बाद कल मंगलवार (22 नवंबर) को सीनेट में रखा गया। संभावना है कि पूरी प्रक्रिया के बाद जनवरी 2023 से यह लागू हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा भारत की 100 से अधिक आईटी कम्पनियों को होगा और वे हर वर्ष 20 करोड़ डॉलर बचा पाएंगी। इसके अलावा अंगूर उत्पादक किसानों और व्यापारियों  को भी लाभ होगा।

भारत- Australia के बीच यह समझौता अप्रैल, 2022 में हुआ था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और आस्‍ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्‍बनीज ने जी20 की इंडोनेशिया में हुई बैठक में भी इस समझौते के बारे में अनौपचारिक बातचीत की थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में संधियों से जुड़ी संसदीय समिति ने सरकार से भारत के साथ व्यापार समझौते को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

भारत और Australia ने आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 2 अप्रैल को आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत Australia टैक्सटाइल, चमड़ा, आभूषण और खेल उत्पादों समेत 95 फीसदी से अधिक भारतीय वस्तुओं के लिए अपने बाजार में शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा।

अप्रैल में इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करने के बाद भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को 27 अरब डॉलर से बढ़ाकर अगले 5 वर्षों में 45 से 50 अरब डॉलर तक पहुंचने में मददगार होगा।

जानें, क्‍या है FTA

मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 2 देशों के बीच व्‍यापार को आसान बनाने के लिए किया जाता है। इसके अंतर्गत 2 देशों के बीच आयात-निर्यात किए जाने वाले प्रोडक्‍ट्स पर कस्‍टम ड्यूटी, रेगुलेटरी लॉ, सब्सिडी और कोटा आदि की सीमा में ढील दी जाती है। जिन दो देशों के बीच में यह समझौता होता है, उनकी प्रोडक्‍शन लागत, बाकी देशों के मुकाबले सस्ती हो जाती है। इससे आपसी व्‍यापार बढ़ता है।

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