Corona काल में भारत को एक बड़ी बड़ी कामयाबी मिली है। Defense Research And Development Organization (DRDO) ने शुक्रवार को ओडिशा स्थित परीक्षण रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (एसएफडीआर) प्रौद्योगिकी की मदद से उड़ान का सफल परीक्षण किया। डीआरडीओ ने कहा कि परीक्षण के दौरान ग्राउंड बूस्टर मोटर समेत सभी उप प्रणालियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया।

SFDR Technology के सफल परीक्षण प्रदर्शन से DRDO को हवा से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों को विकसित करने में सहायता मिलेगी। DRDO के मुताबिक, वर्तमान में चुनिंदा देशों के पास ही यह प्रौद्योगिकी है। उन्होंने कहा कि चांदीपुर के Integrated Test Range से शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे यह परीक्षण किया गया।

ख़बरों के मुताबिक परीक्षण के दौरान DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने इसकी निगरानी की। वहीं, Defense Minister Rajnath Singh ने DRDO के वैज्ञानिकों और वायु सेना को इस सफल परीक्षण के लिए बधाई दी। सूत्रों ने बताया कि Defense Research and Development Department के सचिव और DRDO के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने भी उड़ान परीक्षण में शामिल टीम के सदस्यों को बधाई दी।

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