MIT के रिसर्च में किया गया दावा, हालात सुधारने के लिए ‘वैक्सीन’ बेहद ज़रूरी

कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर संभव प्रयास के बावजूद इसे कंट्रोल नहीं किया जा सका है। मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रिसर्चर के मुताबिक, Covid-19 का सबसे बुरा दौर अभी आना बाकी है। रिसर्चर ने कहा है कि अगर कोरोनावायरस की कोई दवा और वैक्सीन नहीं बनी तो इंडिया में कोरोनावायरस के मामलों में भारी तेजी आ सकती है।

कोरोना का संक्रमण ज़्यादा न फैले इसलिए सरकार ने लॉकडाउन लागू कर दिया। हमेशा के लिए तो लॉकडाउन भी नहीं लगाया जा सकता। अब लोग खुद ही अपना बचाव कर रहे हैं। बता दें कि MIT के रिसर्चर के मुताबिक भारत कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला देश बन सकता है। इतना ही नहीं 2021 की सर्दियां आने तक भारत में हर दिन 2.87 लाख केस आ सकते हैं। MIT के शोधकर्ताओं ने संख्याओं की भविष्यवाणी करने के लिए SEIR (Susceptible, Exposed, Infectious, Recovered) मॉडल का इस्तेमाल किया। SEIR एक मानक गणितीय मॉडल है, जिसका उपयोग महामारी विज्ञानियों द्वारा विश्लेषण के लिए किया जाता है।

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मौजूदा हालात को देखते हुए ही लोग डरे हुए हैं अगर वैक्सीन नहीं मिली तो क्या हो सकता है इस बात का अंदाज़ा आप लगा ही सकते हैं। स्टडी के अनुसार, इलाज या टीकाकरण के अभाव में 84 देशों में 2021 249 मिलियन (24.9 करोड़) मामले और 17.5 लाख मौतें हो सकती हैं। साथ ही कहा गया है कि भविष्य में कोरोना के संक्रमण का यह आंकड़ा टेस्टिंग पर नहीं, बल्कि संक्रमण को कम करने के लिए सरकार और आम आदमी की इच्छा शक्ति के आधार पर अनुमानित है।

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