कोरोना महामारी सभी को अलग- अलग तरह से प्रभावित कर रहा है, जिसमें महिलायें भी शामिल हैं। इस महामारी ने महिलाओं की मानसिक सेहत पर काफी बुरा असर डाला है। इसकी वजह है काम की ज़िम्मेदारी। दफ्तर की ज़िम्मेदारी के साथ- साथ घर के कामकाज के बीच का संतुलन इस महामारी ने बिगाड़ कर रख दिया है। भारत में तो 26 प्रतिशत कामकाजी महिलायें अपना काम तक छोड़ने का विचार में है। एक अंतराष्ट्रिये फर्म ने रिपोर्ट जारी कर यह दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में 51 प्रतिशत कामकाजी महिलायें आज अपने काम को लेकर उत्साहित नहीं हैं। रिपोर्ट 10 देशों में पाँच हज़ार महिलाओं से बात करके तैयार की गई, जिसमें 500 भारतीये महिलायें शामिल हैं। भारत में हर चौथी महिला अपना काम छोड़ने के विचार में हैं। इसका सीधा असर महिलाओं के स्वास्थय पर पर रहा है। डेलॉइट इंडिया के सहयोगी मोहनीश सिन्हा का कहना है कि संस्थानों को कामकाज का तरीका बदलना चाहिये जिससे महिलायें एक सही माहौल में सही रूप से काम कर सकें। इससे न सिर्फ संस्थानों को सहयोग मिलेगा बल्की समाज भी सुचारू ढंग से चलेगा। अधिकारियों को इस बात का ध्यान देना चाहिये।

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