राष्ट्रपति रेसेप तैयप एदरेगान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद भी भारतीय कश्मीर में 80 लाख लोग लोग बुरी तरह फंसे हुए हैं।

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए हुए काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन कश्मीर का मुद्दा बिल्कुल भी ठंडा पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। आए दिन कोई ना कोई कश्मीर मुद्दे पर बड़ा बयान दे ही देता है जिसकी वजह से राजनीति अपने चरम पर पहुंच जाती हैं।

राष्ट्रपति रेसेप तैयप एदरेगान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दाजानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा कर सबको चौंका दिया था। अलगाववादी नेता और कुछ विपक्षी पार्टियों के नेता सरकार के इस फैसले को हजम नहीं कर सके। महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं ने सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया।

राष्ट्रपति रेसेप तैयप एदरेगान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा

खुद पाकिस्तान भी भारत के इस फैसले से बहुत परेशान दिख रहा है। फैसले के विरुद्ध पाकिस्तान कई देशों के पास लगातार जा रहा है, लेकिन उसे कहीं से कोई राहत नहीं मिली है।  कश्मीर मुद्दे पर अब तुर्की के राष्ट्रपति ने भी एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है।

राष्ट्रपति रेसेप तैयप एदरेगान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दाजानकारी के लिए बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एदरेगान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद भी भारतीय कश्मीर में 80 लाख लोग लोग बुरी तरह फंसे हुए हैं। उन्होंने अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कश्मीर के भविष्य के लिए संघर्ष के बजाय कश्मीर का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए।