स्मार्ट टीवी की डिमांड में हुआ इजाफा

भारत में स्मार्ट टीवी की डिमांड में पिछले दिनों इजाफा दर्ज किया जा रहा है। इसमें से सबसे ज्यादा डिमांड बड़ी स्क्रीन वाली स्मार्ट टीवी की आ रही है। इस साल स्मार्ट टीवी की बिक्री कैसी रहने वाली है? साथ ही स्मार्ट टीवी की कीमत बढ़ने की संभावनाओं पर Thomson TV के एक्सक्लूसिव ब्रांड लाइसेंस SPPL के सीईओ अवनीत सिंह से बातचीत हुई। बातचीत के दौर में अवनीत ने बताया कि आखिर स्मार्ट टीवी की बढ़ने की क्या वजह है और स्मार्ट टीवी की कीमत में कितने रुपये तक का इजाफा हो सकता है। आइए जानते हैं पूरी बातचीत..

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जैसा हमने बताया कि पिछले 8 माह में टीवी की कीमत में करीब 300 फीसदी का इजाफा हो चुका है। इस दौरान स्मार्ट टीवी की कीमत 3000 से 4000 रुपये तक बढ़ चुकी है। साथ ही आने वाले दिनों में स्मार्ट टीवी की कीमत 2000-3000 रुपये तक बढ़ जाएगी।

अगर मौजूदा स्थिति की बात करें, तो सरकार को इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के मामले में दोबारा से विचार करना चाहिए। टीवी पैनल की कीमत पहले से ही करीब 300 फीसदी ज्यादा बढ़ चुकी है। ऐसे में 5 फीसदी के अतिरिक्त इजाफे से स्मार्ट टीवी की डिमांड में कमी दर्ज की जा सकती है। साथ ही यह कारोबार के लिहाज से भी सही नहीं रहेगा।

स्मार्ट टीवी के लिए PLI स्कीम को लेकर सरकार से लगातार बातचीत जारी है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में स्मार्ट टीवी की काफी डिमांड है। इसका मार्केट पेनेट्रेशन रेट करीब 85% है। ऐसे में टेलीविजन मैन्युफैक्चरिंग से काफी उम्मीद की जा रही है। इसमें दुनियाभर के ग्लोबल ब्रांड भी शामिल रहेंगे, जिन्हें लोकल पार्टनर की जरूरत होगी। ऐसे में अगर हम विश्वस्तरीय टीवी का निर्माण भारत में करना चाहते हैं, तो हमें PLI स्कीम की जरूत होगी। सरकार ने पिछले साल स्मार्ट टीवी के आयात को प्रतिबंधित कर दिया था, जिससे घरेलू स्मार्ट टीवी निर्माण को बढ़ावा मिल सके। ऐसे में टीवी सेक्टर के लिए PLI स्कीम लोकल मैन्युफैक्चर्स को काफी फायदा पहुंचा सकती है।

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