जानिए PM को P.Chidambaram ने क्या सुझाव दिया

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इस कानून के तहत किसी एक धर्म को निशाना बनाया गया है। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का तो यहां तक कहना है कि सीएए पाप है

सरकार के लिए सीएए (CAA) एक बड़ा सवाल बन चुका है। विपक्ष लगातार सीएए पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सीएए एक ऐसा कानून है जिसे धर्म के आधार पर बनाया  गया है और इस कानून के तहत किसी एक धर्म को निशाना बनाया गया है। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) का तो यहां तक कहना है कि CAA पाप है और एक ऐसा पाप है जो धर्म आधार पर भारत के लोगों को विभाजित किया जा रहा है। भारत एक सेक्युलर(Secular) देश है यहां पर हर एक धर्म-जाति के लोगों के अधिकार बराबर है। उन्होंने ये भी कहा कि एनपीआर(NPR) राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण का ही रूप है।

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सीएए के विरोध में कांग्रेस(Congress) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) को सुझाव देते हुए कहा कि अगर सरकार को लगता है कि सीएए(CAA) उनका प्रभावी फैसला है तो वो इस पर अपने आलोचकों के साथ बहस कर लें। पी.चिदंबरम ने साफ तौर पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को ललकारते हुए कहा है कि अगर सरकार खुद अपने पांच आलेचक चुनें और उनके साथ सीएए पर बहस का एक सत्र आयोजित करें।

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जानिए PM को P.Chidambaram ने क्या सुझाव दिया

चिदंबरम ने ये तक कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके इस सुझाव पर विचार जरूर करेगी और सरकार की प्रतिक्रिया सकारात्मक होगी। चिदंबरम का कहना है कि देश के कई लोगों का मानान है कि सीएए के अनतर्गत कई लोगों को ‘गैर-नागरिक’ घोषित हो जाएंगे और उनकी नागरिकता छीन जाएगी। तो इस कानून को लेकर सवालों को क्लियर करने का एक ही तरीका है कि सरकार सत्र आयोजित कर आलोचकों के सारे सवालों का जवाब दें।