नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी को नुकसान होता हुआ दिखाई दे रहा है

Citizenship Amendment Act (नागरिकता संशोधन कानून) पर बवाल बिल्कुल भी थमने का नाम नहीं ले रहा है! नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा Jamia Millia Islamia (जामिया मिल्लिया इस्लामिया) से शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरे देश में फैलती चली गई! नागरिकता संशोधन कानून का विरोध सिर्फ Delhi (दिल्ली) में ही नहीं देखा गया बल्कि देश के हर राज्य में इस कानून का विरोध देखने को मिला! नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी को नुकसान होता हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी को सभी विपक्षी दल घेरने में लगे हुए हैं यहां तक कि पढ़े-लिखे विद्यार्थी भी इस कानून का विरोध जोर शोर से कर रहे हैं!

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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध विपक्षी पार्टी द्वारा ही देखने को नहीं मिल रहा है बल्कि अब तो भारतीय जनता पार्टी के अंदर वाले लोग भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर संतुष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं! Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी) के विधायक राजा मोहन दास अग्रवाल ने भी कहा है कि अगर एक मुस्लिम भी इस कानून से परेशान हुआ तो मैं इस्तीफा दे दूंगा! बता दें कि राजा मोहन दास अग्रवाल Gorakhpur (गोरखपुर) जिले से विधायक हैं! भारतीय जनता पार्टी हमेशा उन पर विश्वास दिखाती आई है!

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केंद्र ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अधिसूचना जारी की

एक मामला और भी सामने आया है जहां पर Madhya Pradesh (मध्य प्रदेश) के Bhopal (भोपाल) में भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के 48 सदस्यों ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करते हुए Party (पार्टी) को छोड़ दिया है! इन सभी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पार्टी के अंदर अब भेदभाव होने लगा है और पार्टी अब एक समुदाय खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने में लगी हुई है! यह किसी भी देश के संविधान के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है! यह सभी कार्यकर्ता कई सालों से भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करते आ रहे थे!