तीन तलाक और अनुच्छेद 370 खत्म करना तो सिर्फ ट्रेलर था, अब यह करने जा रही है मोदी सरकार…

0
5046
तीन तलाक और अनुच्छेद 370 खत्म करना तो सिर्फ ट्रेलर था, यह करने जा रही है मोदी सरकार......

जब देश का कप्तान ऐसा हो तो बड़ी से बड़ी जंग में जीत पक्की है।

लगातार दूसरी बार सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने कुछ ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। दूसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले तीन तलाक बिल को पास कराया, और उसके बाद कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया है। तीन तलाक बिल पर नरेंद्र मोदी सरकार को कई सारे नेताओं और विपक्षी पार्टियों के विरोध को झेलना पड़ा।

तीन तलाक और अनुच्छेद 370 खत्म करना तो सिर्फ ट्रेलर था, यह करने जा रही है मोदी सरकार......

कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होते ही, कश्मीर सहित भारत के कई शहरों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। मोदी सरकार ने अजित डोभाल के साथ मिल कर पहले ही अनुच्छेद ३७० हटाने की और उसके बाद के अंजाम से बचाव के लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली थी। दरअसल मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाने से कुछ दिन पहले ही अजीत डोभाल को कश्मीर दौरे पर भेजा था, और उनके वापस आते ही कश्मीर में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई थी। कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होते ही भारतीय जनता पार्टी के दफ्तरों में जश्न मनाया गया, तो दूसरी तरफ अलगाववादी नेताओं और कोंग्रेसी नेताओं ने इसका विरोध किया।

जम्मू कश्मीर पर सरकार के लिए गए इस फैसले के बाद से देश की अपेक्षाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से और भी बढ़ गई हैं। ऐसे में लोगों के ज़हन में यह सवाल है कि तीन तलाक और अनुछेद 370 के बाद अब क्या अगला निशाना समान नागरिक संहिता होगा? जब देश का कप्तान ऐसा हो तो बड़ी से बड़ी जंग में जीत पक्की है। कुछ करने का जज़्बा और हौसला जब प्रधानमंत्री मोदी जैसा हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। देश को आज़ाद हुए 72 साल गए हैं लेकिन अब तक ऐसा जिगर वाला प्रधानमंत्री किसी ने नहीं देखा। जिन विषयों को किसी ने छूने की हिम्मत तक नहीं दिखाई, जिन मसलों की तरफ राजनीतिक पार्टियां आंखे मूंदे बैठी हुई थीं। उन मसलों की फाइल मोदी ने न सिर्फ खोली बल्कि उसे मुकाम तक भी पहुंचाया।

भारत की जेल से भागे आतंकी मसूद अज़हर का अनुच्छेद 370 पर बड़ा बयान, कहा कश्मीर में…

भारत में समान नागरिक कानून लाए जाने को लेकर काफी सालों से बहस चल रही है। इस की तरफदारी करने वाले लोगों का कहना है कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक जैसा नागरिक कानून होना चाहिए। फिर चाहे वो किसी भी धर्म से क्यों न हो। जानकारी के लिए आपको बता दें कि आजादी के बाद जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पहले कानून मंत्री बीआर आंबेडकर ने मान नागरिक संहिता लागू करने की बात की, उस वक्त उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। लेकिन हाल ही में जिस तरह तीन तलाक बिल पास हुआ और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया। अब लोगों की उम्मीदें मोदी सरकार से और भी बढ़ गयी हैं।