सत्ता के शिखर पर पहुंचने वाले शी जिनपिंग आज इक्कीसवीं सदी के सबसे मशहूर राजनेताओं में से एक बन चुके हैं।

चीन का लंबे वक्त से वैश्विक मंच पर एक अलग रुतबा रहा है। लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल फिलहाल के वर्षों में चीन को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। तो वहीं वैश्विक मंच पर चीन को एक नया आयाम दिया है। आपको बता दें कि खेतों में मेहनत करने से लेकर सत्ता के शिखर पर पहुंचने वाले शी जिनपिंग आज इक्कीसवीं सदी के सबसे मशहूर राजनेताओं में से एक बन चुके हैं। मार्च 2013 में चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने हर मोर्चे पर चीन के विकास और तरक्की को सुनिश्चित किया है।

जमीनी स्तर से राजनीति के मुकाम तक पहुंचे शी जिनपिंग

तो वहीं माओत्से तुंग, डांग श्याओपिंग के बाद चीन के सबसे ताकतवर नेता में शुमार शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन आर्थिक क्रांति के चार दशकों के बाद एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। दुनिया की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही शी जिनपिंग की अगुवाई में चीन एक वैश्विक राजनीतिक ताकत बन कर उभरा है।अगर भारत-चीन के संबंधों को देखें तो इनमें समय-समय पर उतार-चढ़ाव आते रहे हैं लेकिन इन सब के बावजूद दोनों देशों के हित भी आपस में जुड़े हुए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुए कई मुलाकातों ने दोनों देशों को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से काफी नजदीक लाया है। हालांकि कुछ मुद्दों पर थोड़े वक्त के लिए तनाव भी रहे हैं लेकिन कुल मिलाकर दोनों नेताओं ने उम्मीद की एक नई आस जगाई है।