आज के दौर में क्रिकेट का फार्मेट पूरी तरह से बदल गया है। चाहे बात टेक्नोलॉजी की हो या फिर क्रिकेट के नियमों की हर तरह से यह खेल पूरी तरह हाइटेक हो चुका है। बात अघर वर्तमान दौर की करें तो इस समय क्रिकेट को तीन प्रारुपों में खेला जाता है। जिसमें वनडे, टी-20 और टेस्ट शामिल है। क्रिकेट में टी20 का फार्मेट शुरु हो जाने के बाद से क्रिकेट का खेल पूरी तरह से बदल गया है। टी-20 फार्मेट के आ जाने से क्रिकेट का खेल काफी फास्ट हो गया है। जिसके बाद दर्शकों का रुझान भी क्रिकेट के इस फार्मेट की ओर और ज्यादा बढ़ गया है।

जिसके चलते दर्शक अब क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारुप यानि टेस्ट क्रिकेट को देखना पंसद नहीं करते है। टेस्ट क्रिकेट के प्रति दर्शकों के कम होते रुझान और उसके अस्तित्व को बचाने के लिए आईसीसी ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट को और रोमांचक बनाने के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत की है। लेकिन अब भी क्रिकेट को चाहने वाले बहुत से ऐसे लोग है जो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की इस गुत्थी को समझ नहीं पाये हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़िएगा सब समझ में आ जाएगा।

क्या है वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप ?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप दुनिया के टॉप 9 टेस्ट खेलने वाले देशों के बीच खेली जाने वाली एक प्रतियोगिता है। जिसमें भारत, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश हिस्सा लेंगी। यह चैंपियनशिप अगस्त 2019 से जून 2021 तक खेली जाएगी। जिसकी शुरुआत 1 अगस्त को खेले गए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज के पहले टेस्ट मैच से हो चुकी है। इस चैंपियनशिप का फाइनल लार्डस में खेला जाएगा।

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कैसे मिलेंगे प्वाइंट ?

जैसा की हम आपको पहले भी बता चुके है कि टेस्ट क्रिकेट को और रोमांचक बनाने के लिए इस चैंपियनशिप की शुरुआत की गई है। ताकि टेस्ट सीरीज में खेले जाने वाले हर मैच में दर्शकों को टीमों का रोमांच बना रहे। आपको बता दें कि इस दौरान हर टीम को जीतने पर प्वाइंटस भी दिए जाएंगे। इस दौरान खेले जाने वाली हर एक सीरीज के लिए 120 प्वाइंट्स निर्धारित किए गए है। सीरीज के दौरान मैच जीतने, मैच टाई होने और मैच ड्रॉ होने पर उन 120 प्वाइंटस को डिवाइड किया जाएगा। साधारण शब्दों में कहें तो इसमें दिए जाने वाले प्वाइंट एक सीरीज में खेले जाने वाले कुल मैचों पर निर्धारित होंगे। जैसे की अगर दो टीमों के बीच 2 मैचों की सीरीज खेली जाती है। तो उस स्थिति में सीरीज में प्रत्येक मैच जीतने वाली टीम को 60 प्वाइंटस दिए जाएंगे। इस दौरान अगर सीरीज में यदि कोई मैच टाई होता है तो दोनों टीमों को 30 प्वाइंटस और ड्रॉ होने की स्थिति में 20 प्वाइंटस दिए जाएंगे।

2 मैचों की सीरीज – Win/Tie/Draw – 60/30/20

3 मैचों की सीरीज – Win/Tie/Draw – 40/20/13

4 मैचों की सीरीज – Win/Tie/Draw – 30/15/10

5 मैचों की सीरीज – Win/Tie/Draw – 24/12/8

हांलाकि इस चैंपियनशिप के लिए तय किए गए प्वाइंटस सिस्टम पर कई दिग्गज क्रिकेटरों ने भी आपति जताई है। लेकिन आईसीसी ने इसमें किसी भी तरह के बदलाव की बात अब तक नहीं कही है। तो अब जो टीम अगस्त 2019 से जून 2021 तक खेली जानी वाली इस चैंपियनशिप में टॉप 2 पर काबिज होगी उनके बीच चैंपियनशिप का फाइनल मैच खेला जाएगा।

चैंपियनशिप में कुल कितनी सीरीज होंगी ?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों के बीच कुल 54 टेस्ट सीरीज खेली  जाएंगी। जिसमें से इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली हर टीम को 6 सीरीज खेलनी होगी। इसमें से 3 सीरीज सभी टीमों के घरेलू मैदानों पर खेली जाएगी। जबकि 3 टेस्ट सीरीज विदेशी सरजमी पर खेली जाएगी। लेकिन इस चैंपियनशिप में यह जरुरी नहीं है कि चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली टीमें एक दूसरे का आमना-सामना करेंगी।

फाइनल अगर ड्रॉ हुआ तो क्या होगा ?

चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली दो टीमों के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच लार्डस में खेला जून 2021 को खेला जाएगा। बात अगर मौजूदा हालात की करें तो अभी तक भारत 60 प्वाइंटस के साथ प्वाइंटस टेबल में टॉप पर काबिज है।

अब ऐसे में सवाल यहां यह उठता है कि अगर फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों के बीच मैच ड्रॉ होता है तो फिर क्या होगा। आपको बता दें कि यदि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच ड्रॉ या टाई होता है। तो ऐसे में चैंपियनशिप में खेले गए सभी मैचों में प्वाइंटस टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाएगा। तो ऐसे में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में खेले जाने वाले हर एक मैच की भूमिका काफी बढ़ जाएगी।