प्रयागराज मे रविवार को एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का मामला सामने आया है।

यूपी में अक्सर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तमाम तरह के दावे किए जाते हैं जो कि हर बार योगी सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर देते हैं। अगर बात करें सुरक्षा व्यवस्था की तो बीते दिनों देश में लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। तो वहीं अब एक बार फिर से यूपी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं बीते दिन यूपी में हुई 13 हत्या की घटनाओं की। जिसने योगी सरकार और पुलिस प्रसाशान दोनों पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

जली हुई बसें, खून से लतपत लोग, कुछ ऐसे है सीलमपुर…

आखिर क्यों  यूपी में रविवार बन गया काला रविवार

आपको बता दें कि पहला मामला प्रयागराज का है जहां रविवार को  एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपियों ने इस हत्याकांड में मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा। वहीं मृतकों की पहचान ट्रांसपोर्ट का बिजनेस चलाने वाले सोमदत्त तिवारी, उनके पिता विजय शंकर, पत्नी सोनी तिवारी और दो बच्चे कान्हा और कुंज के रुप में हुई है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक विभाग और क्राइम ब्रांच दोनों ही अपनी जांच में जुट गई हैं।

यूपी के आगरा में कार सवार बदमाशों ने कपड़ा व्यापारी की…

आखिर क्यों  यूपी में रविवार बन गया काला रविवार

अगर बात करें यूपी में हुए दूसरे हत्याकांड की तो ये बाराबंकी जिले का मामला है। जहां एक पुलिस थाने के पास अपराधियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी है। वहीं रविवार को ही ललितपुर जिले से भी डबल मर्डर का मामला सामने आया। साथ ही इसी दिन यूपी के आगरा, कासगंज और मैनपुरी में भी हत्या के एक-एक मामले सामने आए। पुलिस के मुताबिक, हत्या के ज्यादातर मामलें  आपसी रंजिश से जुड़े हुए हैं। यही वजह हैं जिसके चलते यूपी में रविवार काले रविवार के रुप में बदल गया। जिसने पुलिस और प्रशासन दोनों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।