सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) से समाचार रिपोर्टों का विवरण भी मांगा

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को एयरएशिया द्वारा धन शोधन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जांच विवरण को दर्ज करने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) से समाचार रिपोर्टों का विवरण भी मांगा, जिसमें उड्डयन मंत्रालय से पूछा गया था कि एयरएशिया इंडिया अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालित कैसे कर सकती है जबकि उसका लाइसेंस चुनौती दी गई है।

स्वामी ने मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष अपने आवेदन में यह भी कहा कि रिपोर्टों के अनुसार ईडी द्वारा एयरलाइन के कुछ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और अदालत से ईडी को एक स्थिति रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।

इससे पहले स्वामी ने टाटा-एयरएशिया सौदे में पैसों के लेनदेन सुराग और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा नामित आतंकवादी हामिद रजा मलकोटिपोर तक पहुँचाने वाले पैसों के लेनदेन के सुरागों पर तैयार साइरस मिस्त्री द्वारा तैयार न्यायिक रिपोर्ट को प्रस्तुत किया था। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरएफसी) को उपकरणों की आपूर्ति के सम्बंध में दुबई निवासी मालाकोटिपोर को अमेरिकी एजेंसियों द्वारा पकड़ा गया था।

सीबीआई ने पहले ही एयरएशिया के सीईओ टोनी फर्नाडेज़ और टाटा ट्रस्ट के प्रमुख वेंकट को गिरफ्तार कर लिया है।  एयरएशिया के सीईओ टोनी फर्नांडीज और टाटा ट्रस्ट

सीबीआई ने पहले ही एयरएशिया के सीईओ टोनी फर्नाडेज़ और टाटा ट्रस्ट के प्रमुख वेंकट को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में, सीबीआई से दागी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्री अजीत सिंह को एयरएशिया को अवैध विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी के लिए तलब (समन) करने की उम्मीद है।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने गुरुवार को कहा कि सीबीआई की रिपोर्ट (सीलबंद लिफाफे में दर्ज), जो एयरएशिया इंडिया द्वारा विदेशी निवेश मानदंडों के उल्लंघन के मामले में अंतरराष्ट्रीय उड़ान अधिकार प्राप्त करने की कथित पैरवी के बारे में है, को पढ़ने के बाद सुनवाई की अगली तारीख पर आवेदन पर विचार करेगी। पीठ ने मामले को 23 जनवरी, 2020 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

स्वामी द्वारा आवेदन एक लंबित याचिका में दायर किया गया था, जिसमें केंद्र द्वारा एयरएशिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को दी गई एफआईपीबी मंजूरी को चुनौती दी गई थी, स्वामी ने पहले तर्क दिया था कि वाहक को दिए गए उड़ान अधिकार विदेशी निवेश की सरकार की नीति का उल्लंघन है।

 सुब्रमण्यम स्वामी

उन्होंने कहा था कि नीति के अनुसार, विदेशी निवेश को केवल मौजूदा एयरलाइंस में अनुमति दी गई थी और यह एयरएशिया इंडिया की तरह किसी नई एयरलाइन को शुरू करने के लिए नहीं थी। भाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया था कि टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा की मौन सहमति में एयरएशिया इंडिया की स्थापना के संबंध में संदिग्ध लेनदेन थे।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने पहले आरोप लगाया था कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) इस मुद्दे पर “जानबूझकर आंखें मूंद रहा है”। मलेशिया के सबसे बड़े बजट-वाहक (carrier) एयरएशिया ने 2013 में देश में क्षेत्रीय एयरलाइन को कुल संदिग्ध तरीके से और सभी नियमों को ताक पर रखकर लॉन्च करने के लिए टाटा समूह और टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के साथ संयुक्त उद्यम एयरएशिया इंडिया की स्थापना की थी।