तीनों सैन्य प्रमुखों समेत CDS के पास कोई मिलिट्री कमांड नहीं होगा। अथॉरिटी को तीनों सेनाओं की सारी जानकारियां प्राप्त करना उनकि जिम्मेदारी होगी।

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत अपने पद से मंगलवार यानी 31 दिसंबर को रिटायर हो गए हैं। दरअसल, 15 अगस्त, 2019 स्वतंत्रता दिवस पर भारत के PM नरेंद्र मोदी ने लाल किले से यह घोषणा की थी किजल्द ही तीनों भारतीय सेनाओं के लिए एक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की पोस्ट बनाई जाएगी। सरकार की तरफ से सोमवार यानी 30 दिसंबर को इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। जिसके चलते देश के पहले CDS बिपिन रावत होंगे।

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क्या है CDS की शक्तियां, क्यों पड़ी इस पद की ज़रूरत?

जल थल और वायु सेनाओंके बीच तालमेल बेहतर बनाने के लिए और बेहतर तरीके से सलाह के तौर पर इस पद का ऐलान किया गया है। तीनों सेनाओं के सबसे वरिष्ठ मिलिट्री कमांडर होने के कारण मौजूदा देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत को बनाने के लिए प्रयास लगाए जा रहे थे। बिपिन रावत 65 साल की उम्र पूरी होने तक इस पद पर रहेंगे, फिलहाल तो वे 62 साल के है। वे Chief of Army Staff के तौर पर अपने 3 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद इस पद से रिटायर हो जाएंगे।

CDS की क्या होंगी जिम्मेदारी

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क्या है CDS की शक्तियां, क्यों पड़ी इस पद की ज़रूरत?

  1. सीडीएस की सबसे पहली और अहम जिम्मेदारी जल, थल और वायु सेनाओं के बीच में बेहतर ताल-मेल रखना होगा।
  2. तीनों सेनाओं के लिए लंबे समय के लिए नियोजन, प्रशिक्षण और खरीद के ताल-मेल के तौर पर काम करेगा।
  3. रक्षा बजट के बढ़ते चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की जरूरत आन पड़ी है और CO-ordination के लिए तीनों सेनाओं में संसाधनों का बेहतर तरीके से इस्तेमान किया जाएगा।
  4. तीनों सेनाओं के ऑपरेशंस में आपसी CO-ordination भी बनाए रखने में मदद करेगा CDS का पद।

होंगी ये शक्तियां

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क्या है CDS की शक्तियां, क्यों पड़ी इस पद की ज़रूरत?

पहले की तरह ही तीनों सेनाओं के प्रमुख अपने-अपने सेनाओं से संबंधित सलाह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देते रहेंगे। तीनों सैन्य प्रमुखों समेत CDS के पास कोई मिलिट्री कमांड नहीं होगा। अथॉरिटी को तीनों सेनाओं की सारी जानकारियां प्राप्त करना उनकि जिम्मेदारी होगी। वे Defense Acquisition Council और Defense Planning Council के सदस्य भी होंगे।