वेस्टइंडीज के ये बड़े खिलाड़ी जो देश से ज्यादा पैसों को देते है तवज्जो

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वेस्टइंडीज के ये बड़े खिलाड़ी जो देश से ज्यादा पैसों को देते है तब्बजो

वेस्टइंडीज टीम आपसी मतभेदों के चलते वर्ल्ड क्रिकेट में काफी पीछे हो गई। जिसका मुख्य कारण खिलाड़ियों और वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के बीच आपसी तनाव।

वेस्टइंडीज क्रिकेट की जब भी हम बात करते हैं तो वेस्टइंडीज टीम हमेशा से अपने आक्रामक खेल के लिए जानी जाती है। जिसकी मुख्य वजह क्रिस गेल, आंद्रे रसेल, किरोन पोलार्ड सरीखे खिलाड़ी है। जिन्होंने अपने खेल से वेस्टइंडीज टीम को टी-20 चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन बात अगर मौजूदा दौर की करें तो मौजूदा दौर में वेस्टइंडीज टीम आपसी मतभेदों के चलते वर्ल्ड क्रिकेट में काफी पीछे हो गई। जिसका मुख्य कारण खिलाड़ियों और वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के बीच आपसी तनाव। यह तनाव इतना ज्यादा हो गया है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ी अपने देश से ज्यादा विदेशी लीग को खेलने में ज्यादा तबज्जो देते है। Image result for आंद्रे रसेल

अभी भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज में से क्रिस गेल और आंद्रे रसेल जैसे नाम नदारद है। दोनों खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीम का हिस्सा सिर्फ इस वजह से नहीं है क्योंकि उन्होंने ने कनाडा में खेली जा रही ग्लोबल टी20 लीग में हिस्सा लेना था। बात अगर आंद्रे रसल की करें तो अपने खेल से मैच का रुख पलटने का माद्दा रखने वाले इस विस्फोटक खिलाड़ी को वेस्टइंडीज टीम ने सीरीज से पहले रसेल को टीम में शामिल किया था। लेकिन सीरीज शुरु होने से ठीक पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड की माने तो आंद्रे रसेल फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाए जिसके चलते उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। लेकिन अगर ऐसी बात थी और आंद्रे रसेल फिट नहीं थे तो फिर वो कनाडा में खेली जा रही टी20 लीग में कैसे हिस्सा ले रहे है। आपको बता दें कि रसेल ग्लोबल टी20 लीग में अब तक दो मैच खेल चुके है। तो वहीं दूसरी ओर गेल ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह कनाडा में खेली जा रही ग्लोबल टी20 लीग में खेलना चाहते हैं जिसके चलते वह भारत के खिलाफ खेली जाने वाली टी20 सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की वेस्टइंडीज खिलाड़ियों द्वारा देश से ज्यादा पैसों को तवज्जो दी जा रही है। वेस्टइंडीज में खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच की यह तनातनी काफी पूरानी है जिसको सुलझाने के न तो सीनियर खिलाड़ी आगे आ रहे है और न ही वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड द्वारा इस दिशा में कोई कार्य किया जा रहा है। जिसका नतीजा है कि एक सबसे मजबूत समझे जाने वाली वेस्टइंडीज टीम अब सबसे फिसड्डी नजर आती है।