बीसीसीआई के नए संविधान को ध्यान में रखते हुए सभी चीजों को दोबारा से करना होगा।’

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री का चयन अब सवालों के घेरे में आ गया है। मामला हितों के टकराव का बताया जा रहा है जिसके चलते रवि शास्त्री को चुनने वाली समिति यानि CAC ( क्रिकेट सलाहकार समिति )  को बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर डीके जैन ने नोटिस भेजा है और 10 अक्टूबर तक उनसे जबाव मांगा गया है।

आपको बता दें कि इस समिति में कपिल देव, शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल थे। जिन्होंने भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री का चयन किया था। जिसके चलते रवि शास्त्री का कार्यकाल 2021 तक बढ़ गया था।

रवि शास्त्री के लिए खतरे की घंटी

बोर्ड के एक अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अगर बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर डीके जैन ने सीएसी सदस्यों को हितों के टकराव का दोषी पाया तो  रवि शास्त्री को एक बार फिर अनावश्यक रूप से नियुक्ति की प्रक्रिया से गुजरना होगा और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। अधिकारी ने बताया, ‘एक नई समिति का दोबारा से गठन करना होगा और कोच के नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को दोबारा से करना होगा। बीसीसीआई के नए संविधान को ध्यान में रखते हुए सभी चीजों को दोबारा से करना होगा।’

शांता रंगास्वामी का इस्तीफा 

हितों के टकराव मामले संबंधी नोटिस मिलने के बाद CAC के सदस्य शांता रंगास्वामी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शांता रंगास्वामी ने कहा, ‘सीएसी समिति में होना सम्मान की बात थी। मौजूदा परिस्थितियों में मुझे लगता है कि किसी भी प्रशासनिक भूमिका के लिए उपयुक्त  पूर्व क्रिकेटर  को ढूंढना कठिन होगा। आईसीए से तो मैं चुनाव होने से पहले ही इस्तीफा दे देती। इसलिए यह समय की बात थी।’