JNU हिंसा के बाद देश के कई शहरों में जेएनयू के समर्थन में प्रदर्शन शुरू हुए।

दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा पर सियासत तेज हो गई है। बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। इस हिंसा में कई छात्रों के साथ फैकल्टी मेंबर भी घायल हुए हैं। JNU हिंसा के बाद देश के कई शहरों में जेएनयू के समर्थन में प्रदर्शन शुरू हुए। वहीं छात्रों ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

उद्धव ठाकरे ने JNU हिंसा की तुलना 26/11  मुंबई हमले से की, कही ये बड़ी बात

आपको बता दें, रविवार को कुछ नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों के साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष आइशी घोष समेत 25 लोग घायल बताये जा रहे हैं। घायल छात्रों का दावा है कि इस हमले के पीछे एबीवीपी का हाथ है। इसके बाद अब देश की सियासत में उबाल आ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष इस हिंसा को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और एक दूसरे को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

सीएम बनते ही उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को पूरी तरह उलझा दिया, जानिए उन्होंने…

उद्धव ठाकरे ने JNU हिंसा की तुलना 26/11  मुंबई हमले से की, कही ये बड़ी बात

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसकी तुलना 26/11 मुंबई हमले से की है। उन्होंने कहा, ‘इस हिंसा के बाद मुझे 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले की याद आ गई.’उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज छात्र डरे हुए हैं, देश में छात्रों में भय का माहौल है। उन्होंने आगे कहा कि आज का विद्यार्थी आत्मविश्वास खो रहा है और हम सभी को मिलकर उनमें आत्मविश्वास पैदा करने की जरूरत है। वहीं उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वो लोग सुरक्षित हैं और यहां ऐसी कोई घटना नहीं होगी।