पीड़िता का शौहर दहेज के नाम पर 100000 रुपए नगद और मोटरसाइकिल की मांग निकाह के बाद से लगातार करता रहता था साथ ही उससे मारपीट भी करता था।

केंद्र की बीजेपी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसे कानून से न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के बिल को संशोधन करते हुए और मजबूत कर दिया है लेकिन इसका असर भी अभी भी पहले जैसा ही है। जिस प्रकार पहले लोग बातों-बातों में तलाक-तलाक-तलाक कहकर अपनी बीवी को छोड़ देते थे, वैसा ही अब भी बदस्तूर जारी है। ताजा मामला यूपी के गोंडा जिले के थाना कर्नलगंज क्षेत्र के खिदूरी गांव का है।

जहां आज से 9 साल पहले तीन तलाक पीड़िता के परिजनों ने यथासंभव दान-दहेज देकर दिलदार खान के साथ निकाह करवा दिया था लेकिन बीते 9 सालों से वह दहेज की मांगों को लेकर फूल चमन को प्रताड़ित करता था। 13 अगस्त को दिलदार खान ने अपनी बीवी से दहेज की मांग को लेकर मारपीट कर, तीन तलाक देकर अपने घर से भगा दिया। जब पीड़ित अपने मायके पहुंची तो पीड़ित के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई और थाने के चक्कर काटने लगे। जब थाने पर सुनवाई ना हुई तो पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना कटरा बाजार में पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

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तीन तलाक कानून की मट्टी पलीत, मुस्लिम महिलाएँ अब भी असुरक्षित

बता दें कि पीड़िता का शौहर दहेज के नाम पर 100000 रुपए नगद और मोटरसाइकिल की मांग निकाह के बाद से लगातार करता रहता था साथ ही उससे मारपीट भी करता था। आखिरकार जब दहेज की मांग न पूरी हुई तो तीन तलाक पीड़िता के पति दिलदार खान ने 13 अगस्त की रात को अपनी बीवी से मारपीट कर उसके सारे जेवरात ले लिए। बाद में तीन तलाक बोलकर अपने घर से भगा दिया। पीड़ित नंगे पांव जब अपने मायके पहुंची और पूरी बात बताई तो तलाक पीड़िता के घरवाले न्याय के लिए पहले तो थाना कटरा बाजार गए। वहां पर कोई सुनवाई ना हुई तो पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद पुलिस ने महिला सुरक्षा, धमकी, मारपीट सहित अन्य धाराओं के साथ मुकदमा दर्ज कर लिया है और वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

वहीं इस पूरे मामले पर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार का कहना है कि तीन तलाक पीड़िता की तहरीर 5 लोगों के खिलाफ है। दहेज अधिनियम, मुस्लिम विवाह अधिनियम 2019 व विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा सहित मारपीट व धमकी का मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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