ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी एक खिलाड़ी ऐसा है जिसे स्टीव स्मीथ के चोटिल होने के बाद टीम में मौका दिया गया। बस फिर क्या था

किस्मत और मेहनत का अगर साथ हो तो इंसान को सफलता के शिखर तक पहुंचने में बहुत ही कम समय लगता है। क्रिकेट में भी कुछ ऐसा ही नजारा हमें देखने को मिलता है। जहां एक खिलाड़ी सिर्फ एक मौके की तलाश में रहता है। उसके बाद उस मौके को भूनाने की पूरी कोशिश करता है। ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी एक खिलाड़ी ऐसा है जिसे स्टीव स्मीथ के चोटिल होने के बाद टीम में मौका दिया गया। बस फिर क्या था उस खिलाड़ी ने उस मौके को दोनों हाथों से लिया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उस खिलाड़ी का नाम है मार्नस लाबुशेन…

कैसे बदलीLabuschagneकी किस्मत?

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इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही एशेज सीरीज के लार्डस टेस्ट में स्टीव स्मीथ के चोटिल होने के बाद मार्नस लाबुशेन की टीम में एंट्री हुई। जिसके साथ ही वह मार्नस लाबुशेन क्रिकेट इतिहास में पहले ‘कन्कशन सब्सीटयूट’बनते है। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वो साल के सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। एशेज में मार्नस लाबुशेन ने जहां 4 मैचों में 4 अर्धशतक की मदद से 353 रन बनाये। तो वहीं साल 2019 में उन्होंने 11 मैचों में 3 शतक और 7 अर्धशतक की मदद से 64.94 की औसत से 1104 रन बनाये।

कन्कशन सब्सीटयूट’ (Concussion Substitute) क्या होता है?

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कन्कशन स्बसीटयूट का इस्तेमाल तब किया जाता है जब मैच के दौरान कोई खिलाड़ी सिर में चोट लगने के कारण बेहोश हो जाता है। तो ऐसे में उस खिलाड़ी की जगह टीम में किसी दूसरे खिलाड़ी को शामिल किया जा सकता है। इस नियम को 1 अगस्त से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच शुरु हुई एशेज सीरीज में लागू किया गया था। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी फिल ह्यूज की मौत के बाद इस नियम को लागू करने की मांग उठी थी।