भारत (India) को धर्मनिर्पेक्ष देश की उपाधि मिली है क्योंकि यहां, एक नहीं बल्कि कई धर्मों का निवास है।

भारत (india) को धर्मनिर्पेक्ष देश की उपाधि मिली है क्योंकि यहां, एक नहीं बल्कि कई धर्मों का निवास है। अलग-अलग रंग-रूप, धर्म-जाति, संस्कृति और परंपरा के मोतियों से मिलकर ये पूरा भारत (india) बना है। लेकिन कई बार देश में ही मौजूद लोग इस विभिन्नता में मिलकर बनी एकता पर दाग लगाने से बाज नहीं आते और हिन्दु-मुस्लिम की राजनीति करते हैं वहीं एक बार फिर देश में हिंदू-मुस्लिम की आवाजों ने जोर पकड़ा है।

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दरअसल, देश में जारी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) पर सियासी तकरार के बीच उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu) ने कहा कि, भारत (india) में कुछ लोगों को हिंदू शब्द से ही ऐलर्जी है उन्होंने कहा कि, धर्मनिरपेक्षता का मतलब किसी एक खास धर्म का अपमान या तुष्टीकरण करना नहीं है नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पाकिस्तान (Pakistan), अफगानिस्तान (Afghanistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) में धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने के लिए है।

आपको बता दें, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) ने बातें, चेन्नै में श्री रामकृष्ण मठ द्वारा प्रकाशित तमिल मासिक श्री रामकृष्ण विजयम के शताब्दी समारोह और स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही उन्होंने कहा कि, देश ने हमेशा पीड़ित लोगों को शरण प्रदान किया है।

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स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) का सहारा लेते हुए नायडू (Naidu) ने कहा कि, स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) एक सामाजिक सुधारक थे और उन्होंने पश्चिम में हिंदुत्व से परिचय कराया स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने कहा था, कि वह ऐसे देश से हैं, जिसने विभिन्न देशों में प्रताड़ित लोगों और शरणार्थियों को शरण दी है।

बता दें, इसके साथ ही नायडू (Naidu) ने सीएए (CAA) का जिक्र करते हुए विरोध कर रहे लोगों पर वार किया, उन्होंने कहा कि भारत (india) अब प्रताड़ित लोगों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, जबकि कुछ तत्व इसके बारे में विवाद पैदा कर रहे हैं।