जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने की राहुल गांधी से ना आने की अपील।

कश्मीर से धारा 370 हटाने पर मोदी सरकार के इस फैसले के बाद से ही इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। खासकर कि पाकिस्तान को तो यह बात बिल्कुल भी हज़म होने का नाम नहीं ले रही है। वह अपनी बौखलाहट किसी न किसी तरीके से दिखा ही रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ में यह मुददा ले जाने के बाद से ही कई देशों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दिखाई हैं। ऐसे में खबर है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के कई नेता जम्मू-कश्मीर का जायजा लेने के लिए जा रहे हैं।

 

बता दें, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से पहली बार राहुल गांधी और विपक्ष के इतने नेता जम्मू-कश्मीर का जायजा लेने वहाँ जाएंगे। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के ग़ुलाम नबी आज़ाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, लेफ़्ट के सीताराम येचुरी, डी राजा, डीएमके के तिरुची शिवा, टीएमसी के दिनेश त्रिवेदी, एनसीपी के माजिद मेमन, आरजेडी के मनोज झा और जेडीएस के उपेंद्र रेड्डी भी होंगे। इनके अलावा शरद यादव भी कश्मीर जाने वाले नेताओं में शामिल हैं।

दरअसल, कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई बार ट्वीट के जरिए वहा की स्थिति पर सवाल उठाए थे। उन्होने अपने ट्वीट मे कहा था कि पीएम मोदी को शांति और निष्पक्षता के साथ इस मामले को देखना चाहिए। इस ट्वीट के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था, ‘मैं राहुल गांधी जी को कश्मीर आने का निमंत्रण देता हूं। मैं उनके लिए एयरक्राफ्ट का भी इंतिज़ाम करूंगा ताकि वह यहां आकर जमीनी हकीकत देख सकें।’ इसके बाद राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके आमंत्रण को स्वीकार किया था। उन्होंने ट्वीट किया था, ‘प्रिय मलिक जी, मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आने के आपके न्योते को स्वीकार करता हूं। हमें एयरक्राफ्ट की जरूरत नहीं है, बस हमें वहां के नेताओं और जवानों से मिलने दिया जाए।’