पीएम नरेंद्र मोदी ने रामायण कालीन के इस संजीवनी का किया जिक्र, जाने इसके फायदे

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पीएम नरेंद्र मोदी ने रामायण कालीन के इस संजीवनी का किया जिक्र,

राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बातों को जिक्र किया। जिसमें से एक लद्दाख में पाई जाने वाली संजीवनी है।

राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बातों को जिक्र किया। जिसमें से एक लद्दाख में पाई जाने वाली संजीवनी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लेह लद्दाख एक ऐसी धरती है, जहां संजीवनी पाई जाती है। जिसे वहां के लोग सोलो के नाम से पुकारते हैं। इस जड़ी-बूटी का जिक्र रामायण में भी किया गया है। राम के भाई लक्ष्मण को जीवनदान देने वाली जड़ी-बूटी यही संजीवनी थी। इसके कई फायदे हैं और कई रोगों से छुटकारा पाने में ये सहायक भी है। इसको पाना इतना आसान भी नहीं है क्योंकि ये हिमालय पर इतनी उंचाई पर पाई जाती है, जहां जीवन को बनाए रखना ही अपने आप में एक चुनौती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने रामायण कालीन के इस संजीवनी का किया जिक्र, जाने इसके फायदे

आपको बता दें वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एक चमत्कारी जड़ी-बूटी है। इसका सबसे फायदेमंद गुण ये है कि रेडियो-एक्टिविटी से ये बचाव करती है। ये जड़ी-बूटी इम्यून सिस्टम को ठीक कर सकती है। वैज्ञानिक इस जड़ी-बूटी को रोडियोला नाम से पुकारते हैं। लेकिन लद्दाख के लोग इसे सोलो के नाम से जानते हैं। और इसकी पत्तियों का सब्जियों में प्रयोग करते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने रामायण कालीन के इस संजीवनी का किया जिक्र,

लेह स्थित डीआईएचएआर के शोध में पाया गया है रेडियोला कई रोगों खत्म करने की क्षमता रखता है। डीआईएचएआर के निदेशक आर.बी. श्रीवास्तव का कहना है कि इस पौधे में सीकोंडरी मेटाबोलाइट्स और फायटोएक्टिव तत्व पाएं जाते हैं, जो विशिष्ट तत्व हैं। उन्होने बताया कि इस पौधे की एडेप्टोजेनिक क्षमता सैनिकों को कम दवाब और कम आक्सीजन वाले वातावरण में अनुकूल होने में मदद कर सकती है, साथ ही इस पौधे में अवसाद-रोधी और भूख बढ़ाने वाला गुण भी होते है। ये पौधा रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है, कठिन जलवायु की स्थितियों में शरीर को अनुकूल बनाता है और रेडियो एक्टिविटी से बचाव करता है।