7 सालों की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

निर्भया केस के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों की आग देखने को मिली थी। शायद ही देश में इससे पहले इतने क्रुर तरीके से रेप की वारदात को अंजाम दिया गया था। यही वजह थी कि निर्भया के दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरा देश सड़कों पर उतर आया था। 7 सालों की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। जिसके चलते 22 जनवरी की सुबह 7 बजे चारों आरोपियों को फांसी की सजा दी जाएगी।फांसी से पहले अब चारों आरोपियों में से विनय कुमार शर्मा ने अपने गुनाहों की सजा से बचने के लिए क्यूरेटिव पिटीशन का सहारा लिया है।

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Nirbhaya Case :फांसी से पहले दोषी विनय ने लिया क्यूरेटिव पिटीशन का सहारा

विनय की ओर से गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की है। विनय कुमार शर्मा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि देश की सर्वोच्च न्यायालय को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि जिस समय घटना हुई थी उस समय वह केवल 19 साल का था। साथ ही विनय की ओर से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार और हत्या से जुड़े 17 अन्य मामलों में मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला था। इसलिए विनय को फांसी की सजा से राहत दी जाए।बात अगर क्यूरेटिव पिटीशन की करें तो यह क्यूरेटिव पिटीशन में उन विषयों पर ध्यान दिया जाता है। जिन पर ध्यान देने की जरुरत होती है। ये पूनर्विचार याचिका से अलग होता है।

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