भारतीय वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की सौवीं सालगिरह, क्या है ISRO से उनका संबंध

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भारतीय वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की सौवीं सालगिरह, क्या है ISRO से उनका संबंध

सर्च इंचन गूगल ने डूडल बनाकर सौवीं सालगिरह पर वैज्ञानिक विक्रम साराभाई को किया समर्पित

आज भारतीय वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की सौवीं सालगिरह है। इस मौके पर सर्च इंचन गूगल ने अपना डूडल उन्हें समर्पित किया है। विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में हुआ था। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) के अभियानों की सफलता न सिर्फ भारतीय बल्कि विश्व की खबरों में सुर्खियों पर रहती है। इस संगठन को दिशा और नींव महान वैज्ञानिक विक्रम साराभाई ने ही रखी थी। बता दें कि भारत ने कुछ ही हफ्तों पहले चंद्रयान-2 को लॉन्च किया है।

भारत के मून मिशन (चंद्र अभियान) की नींव विक्रम साराभाई ने ही रखी थी। उन्होंने साल 1969 को 15 अगस्त  के दिन इसरो की स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक इसरो सफलता की कई इबारतें लिख चुका है। बचपन से ही विक्रम साराभाई की रुची विज्ञान में थी। वे एक समृद्ध परिवार से थे और उन्हें परिवार से काफी मदद मिली। विक्रम साराभाई ने पिता की मदद से 28 साल की उम्र में भौतिक विज्ञान के अध्ययन के लिए अनुसंधान केंद्र PRL की स्थापना की थी। विज्ञान के क्षेत्र में किए इन्हीं असाधारण कार्यों के लिए उन्हें 1966 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

साल 1669 में उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) की स्थापना की थी। इसरो की स्थापना करते हुए उन्होंने चांद पर पहुंचने का लक्ष्य रखा था। आज उनकी सौवीं जयंती पर भारत ने इस ओर महत्वपूर्ण कदम भी बढ़ा लिए हैं। विक्रम साराभाई की मृत्यु 52 वर्ष की उम्र में 30 दिसंबर, 1971 को कोवलम बीच पर हुई थी।