धोनी के संन्यास पर अब एमएसके प्रसाद ने आलोचकों को दिया मुंहतोड़ जवाब

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धोनी के संन्यास पर अब एमएसके प्रसाद ने आलोचकों को दिया मुंहतोड़ जवाब

एमएसके प्रसाद ने हर सवाल का जवाब बड़ी ही बेबाकी से दिया है। 

धोनी के संन्यास को लेकर आजकल चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि इस बात को ठंडे बस्ते में कुछ देर के लिए डाल दिया गया था। जब महेंद्र सिंह धोनी ने ब्रेक पर जाने का फैसला लिया। लेकिन यह मुद्दा एक बार फिर गर्माया लेकिन इस बार इसका जवाब मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने दिया। पिछले कुछ समय से एमएसके प्रसाद बहुत ही  बेबाकी से हर सवाल का जवाब दे रहे है। चाहे वो सुनिल गावस्कर द्वारा चयन समिति के अनुभव पर उंगली उठाना हो, या फिर महेंद्र सिंह धोनी के करियर को लेकर। एमएसके प्रसाद ने हर सवाल का जवाब बड़ी ही बेबाकी से दिया है।

एमएसके प्रसाद से चयनसमिति पर दूरदर्शी नहीं होने और एमएसधोनी को टीम में रखकर मध्यक्रम से समझौता करना जैसे सवाल पूछे गए थे। जिसका उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया। प्रसाद ने कहा, ‘अगर शुरु में विकेट गंवाने के बाद हम विश्व कप सेमीफाइनल का मुकाबला जीत गए होते। तो धोनी और जडेजा द्वारा खेली गई वो पारियां सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक होती।‘

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उन्होंने कहा, ‘ मैं साफतौर पर कहना चाहता हूं कि आज तक सीमित ओवर में धोनी भारत बेस्ट विकेटकीपर और फिनिशर है। वर्ल्ड कप में विकेटकीपर और बल्लेबाज के रुप में धोनी बड़ी ताकत थे। ’ इसके अलावा चयनसमिति में दूरदर्शिता की कमी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, ‘ अगर चयनसमिति में दूरदर्शिता नहीं होती तो जसप्रीत बुमराह केवल सीमित ओवर के क्रिकेटर के तौर पर ही जाना जाता। वो कैसे टेस्ट क्रिकेटर में नंबर एक गेंदबाज बन पाते। अगर चयनसमिति में दूरदर्शिता की कमी होती तो हार्दिक पांड्या केवल टी-20 फार्मेट ही खेल पाते। आज वो क्रिकेट के हर फार्मेट में बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर उभरे है।‘