नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने यह तो पहले ही साफ कर दिया था कि वह इस कानून को वापस लेने के मूड में बिल्कुल भी नहीं है।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने यह तो पहले ही साफ कर दिया था कि वह इस कानून को वापस लेने के मूड में बिल्कुल भी नहीं है। ऐसे में लोग सड़कों पर उतरकर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर इस कानून को वापस लेने का दबाव बना रहा है।

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केरल सरकार ने तो इस कानून के खिलाफ मार्चा खोलते हुए अखबारों में विज्ञापन तक छपवा दिए। जिसके बाद केरल में लेफ्ट के नेतृत्व वाली सरकार और गवर्नर आमने-सामने आ गए। गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने इस विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई है। गवर्नर का कहना है कि अखबारों में विज्ञापन छपवाकर जनता के पैसों की बर्बादी करना गलत है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रचार के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग करना सही नहीं है, यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने आगे कहा कि सरकारी पैसे का इस्तेमाल संसद में पारित कानून के खिलाफ किया जा रहा है यह मुझे आश्चर्यचकित करता है।

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आपको बता दें, विज्ञापन में दावा किया गया है कि राज्य सरकार संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए तत्पर है। सरकार ने सीएए को प्रदेश में लागू ना करने के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया है। लेफ्ट नेतृत्व वाली सरकार के इस विज्ञापन के खिलाफ मीडिया से बात करते हुए सूबे के गवर्नर जमकर बोले। उन्होंने कहा कि अगर यही विज्ञापन कोई राजनीतिक दल देता तो हमें कोई आपत्ति नहीं होती।