कपिल देव भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन (ICA) के सदस्य हैं और क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के अध्यक्ष भी हैं।

कपिल देव ने BCCI की क्रिकेट सलाहकार समिति से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान शांता रंगास्वामी ने CAC से इस्तीफा दिया था। 1983 में टीम इंडिया को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाले कपिल देव ने आचरण अधिकारी डीके जैन द्वारा हितों के टकराव का नोटिस भेजे जाने के बाद यह कदम उठाया। कपिल देव इस समिति के अध्यक्ष थे।

दरसल कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की तीन सदस्यीय समिति ने भारतीय क्रिकेट टीम के कोच का चयन किया था। इन तीनों की सहमति से ही दूसरी बार रवि शास्त्री को भारतीय टीम के कोच पद की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले डब्ल्यूवी रमन को भी इस समिति ने भारतीय महिला टीम का कोच नियुक्त किया था। जिसके बाद मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के सदस्य संजीव गुप्ता ने इन तीनों के खिलाफ शिकायत दायर की थी। बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय में एक से ज्यादा पद पर काबिज नहीं रह सकता।

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शिकायत में साफ तौर पर कहा गया कि कपिल देव एक फ्लडलाइट कंपनी के मालिक हैं। भारतीय क्रिकेट एसोसिएशन (ICA) के सदस्य हैं और क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) के अध्यक्ष भी हैं। अंशुमन गायकवाड़ भी ICA के सदस्य होने के साथ-साथ अपनी क्रिकेट अकादमी भी चलाते हैं।

मामले ने तूल पकड़ा जिसके बाद BCCI के आचरण अधिकारी डीके जैन ने 28 सितंबर को नोटिस भेजकर मौजूदा भारतीय कोच चुनने वाले पूर्व क्रिकेटरों से उनके खिलाफ लगे हितों के टकराव के आरोपों का जवाब 10 अक्टूबर तक देने को कहा था।

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वहीं आपको बतादें कि कपिल देव, शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ की नियुक्ति सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की जगह की गई थी। इन तीनों खिलाड़ियों को भी दोहरे लाभ के पद पर रहने के कारण इस्तीफा देना पड़ा था। तीनों खिलाड़ी आईपीएल में अगल-अलग फ्रैंचाइजियों के साथ जुड़े हुए थे।