मुआवजे की मांग तो भड़क गए CM कमलनाथ, बोले- मंजीरा बजाने नहीं आया

मध्य प्रदेश में बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है। किहीं बाढ़ से लोगों के आशियाने उजड़ रहे है तो किहीं लोगों को खाने के लाले पड़ रहे है। जिसके चलते लगातार राज्य विपक्ष कमलनाथ सरकार पर निशाना साध रही है। बाढ़ पर हो रही सियासत के बीच 10 दिन बाद सीएम कमलनाथ बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे। सबसे पहले सीएम कमलनाथ नीमच जिले पहुंचे और बाढ़ पीड़ितो से मुलाकात की।

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मुख्यमंत्री कमलनाथ बाढ़ पीडितों से बात कर रहे थे कि इस बीच वो कुछ ऐसा बोल गए जो लोगों को बुरा लगा। दरअसल, बाढ़ में फसर बर्बाद होने के चलते लोग मुख्यमंत्री से मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस कमलनाथ ने कहा कि सरकार उनके साथ है.. साथ ही साथ उन्होंने ये भी कहा कि मैं यहां मंजीरा बजाने नहीं आया हूं। आपकी मदद के लिए आया हूं। हमारी सरकार बाढ़ की पल-पल अपडेट ले रही है।

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आपको बता दें कि बाढ़ के आतंकी रुप से कई सड़के ढह गई है, 1100 करोड़ की लागत की फसलें बर्बाद हो गई और मकान टूट कर बिखर गए है। यानी तकरीबन 400 से 500 करोड़ का नुकसान बाढ़ से हुआ है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिधिंया भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। 24 सितंबर यानी कल सिधिंया मंदसौर आएंगे, पहले सिंधिया 27 सितंबर को मंदसौर आ रहे थे, लेकिन अब वो 24 सितंबर को बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सिंधिया उदयपुर से होकर नीमच जिले के रामपुरा इलाके में भी जाएंगे। वहां से झार्डा और नारायणगढ़ होते हुए कई इलाको का जायजा लेंगे। इसके बाद सिंधिया जावरा इलाके में भी लोगों से मुलाकात करेंगे और फिर भोपाल के लिए रवाना हो जाएंगे।

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